द्रमुक की हारी हुई सीटों पर कांग्रेस का दांव, क्या सीट बंटवारा पर बनेगी बात?

राष्ट्रीय जजमेंट

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां राजीतिक पार्टियों ने शुरु कर दी है। ऐसे में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और डीएमके ने अपनी चुनावी तैयारियां तेजी से शुरु कर दी है। इस दौरान दोनों दलों में सीटों के बंटवारे को लेकर गहन विचार चल रहा है। अभी तक सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और डीएमके में कुछ पेंच फंसा हुआ है, जिसके चलते सीट-शेयरिंग बातचीत शुरु होगी।
यह वीनर्स नकली दांतों से 300 गुना बेहतर है! और कीमत बहुत सस्ती हैअपने गठबंधन को लेकर जारी तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए डीएमके और कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे आगामी अप्रैल–मई में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए शनिवार से औपचारिक सीट-बंटवारे की वार्ता शुरू करेंगे। बातचीत का पहला चरण चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में सुबह 10:30 बजे आयोजित किया जाएगा।
क्या है कांग्रेस की मांग? जिस पर डीएमके नहीं है तैयार
आपको बताते चले कि, कांग्रेस इस बार पिछले चुनाव में हुए बंटवारे के मुकाबले ज्यादा सीटें की मांग कर रही है। जिसको लेकर डीएमके असहमति जता रही है। इसलिए बैठक के जरिए सहमित का रास्ता खोला जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, डीएमके ने पिछली बार 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें से 133 सीटों पर उसे जीती मिली और 40 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। अब कांग्रेस का कहना है कि डीएमके उन 40 हारी हुई सीटों में से 15 कांग्रेस को दें, हालांकि डीएमके कांग्रेस की इस मांग को लेकर बिल्कुल भी तैयार नहीं है।
बैठक में दोनों तरफ से ये नेता रहेंगे मौजूद
इस बीच, तमिलनाडु कांग्रेस अध्यत्र के. सेल्वा पेरुंथगई ने दावा किया है कि पार्टी को चार सदस्यों की टीम प्रतिनिधित्व करेगी, जिसमें वह खुद, AICC इंचार्ज गिरीश चोडनकर, को-इंचार्ज निवेदित अल्वा और कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेश कुमार शामिल होंगे। इसके अलावा, डीएमके प्रतिनिधि मंडल को पार्टी कोषाध्यक्ष टी.आर. बालू लीड करेंगे और इसमें मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम.के स्टालिन की तरफ से नियुक्त सात सदस्यों की कमेटी भी शामिल होगी। बेहद ही खास बैठक मानी जा रही है
सूत्रों की जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने दो राज्यसभा सीटों के साथ 35 से अधिक विधानसभा सीटों की मांग की है। वहीं, बातचीत में शामिल सूत्रों ने बताया कि डीएमके ने फिलहाल लगभग 25 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाकर 27 या 28 सीटों तक किया जा सकता है।

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