एएटीएस की टीम ने चोरी के मामले में फरार उद्घोषित अपराधी को मंगोल पूरी रिंग रोड से दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिमी जिला की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की पीओ सेल ने अदालती कार्यवाही से बचने वाले अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने चोरी के एक मामले में फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी अब्दुल रहीम (32) पिछले कुछ समय से पुलिस और कोर्ट की पकड़ से बाहर चल रहा था, जिसे अब पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर मंगोल पूरी रिंग रोड से गिरफ्तार किया है।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर के निर्देशानुसार, फरार अपराधियों और उद्घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसीपी ऑपरेशंस विजय सिंह के मार्गदर्शन और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में हेड कांस्टेबल राजकुमार, रामनिवास और प्रदीप को शामिल किया गया था, जिन्हें थाना मोती नगर के चोरी के एक मामले में वांछित अपराधी को ट्रैक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच के दौरान सामने आया कि अब्दुल रहीम के खिलाफ मोती नगर थाने में चोरी का मामला लंबित था। अदालती कार्यवाही के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण, तीस हजारी कोर्ट के न्यायाधीश ने इसी साल 28 जनवरी को उसे आधिकारिक रूप से उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। इसके बाद से ही पुलिस टीम स्थानीय खुफिया जानकारी और मुखबिरों के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।

26 फरवरी को पुलिस टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अब्दुल रहीम मंगोल पूरी रिंग रोड स्थित वेस्ट एनक्लेव पेट्रोल पंप के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर जाल बिछाया। मुखबिर की पहचान पर पुलिस ने आरोपी को घेर लिया और उसकी पहचान अमन विहार निवासी अब्दुल रहीम के रूप में सुनिश्चित की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने चोरी के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मोती नगर थाने के एक महत्वपूर्ण मामले को सुलझा लिया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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