BLK मैक्स अस्पताल की शर्मनाक करतूत: मौत के बाद शव को बनाया ‘बंधक’, NHRC सदस्य के दखल के बाद परिजनों को मिला पार्थिव शरीर

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पूसा रोड स्थित प्रतिष्ठित BLK मैक्स अस्पताल से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मध्य प्रदेश के एक मरीज के शव को अस्पताल प्रबंधन ने बिल भुगतान न होने के एवज में ‘बंधक’ बना लिया। परिजनों का आरोप है कि 2 लाख रुपये जमा करने के बावजूद अस्पताल ने एक लाख रुपये की अतिरिक्त नाजायज मांग की और पैसे न देने पर शव सौंपने से इनकार कर दिया। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश से आए एक मरीज को गंभीर हालत में BLK मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के महज 24 घंटे के भीतर मरीज की मृत्यु हो गई। शोक संतप्त परिवार पहले ही 2 लाख रुपये जमा कर चुका था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने 1 लाख रुपये की और मांग करते हुए शव को अपने कब्जे में रखा और परिजनों को कथित तौर पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

इस अमानवीय घटना की सूचना मिलने पर NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने तुरंत संज्ञान लिया। सरकारी छुट्टी का दिन होने के बावजूद वे स्वयं अस्पताल पहुंचे। कानूनगो ने अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों को भारत सरकार के कड़े निर्देशों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल के विवाद में किसी भी मृतक का शरीर रोकना गैर-कानूनी और अनैतिक है।

इस पूरे ऑपरेशन में एनएचआरसी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार बृजवीर सिंह, मध्य दिल्ली के डीसीपी हर्षवर्धन मित्तल और एसएचओ सुभाष चंद्र ने तत्परता दिखाई। पुलिस और आयोग के कड़े रुख के बाद अस्पताल प्रशासन को झुकना पड़ा और कई चेतावनियों के बाद आखिरकार शव परिजनों को सौंपा गया। एनएचआरसी सदस्य ने अस्पताल संचालकों की इस ‘पाश्विक वृत्ति’ की कड़ी निंदा की है।

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