दोस्त के साइबर कैफे में बने थे फर्जी कागजात, फिर शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल, अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक से 50 लाख की धोखाधड़ी, 3 गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद की साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्रेडिट कार्ड बनवाकर बैंक के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प के साथ 50,94,564/- रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सुरेंद्र (निवासी SGM नगर), कोलंबस सैनी (निवासी कल्याणपुरी) और ललित कुमार (निवासी हरिनगर) को दबोच लिया है। आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीके से बैंक के सिस्टम में सेंध लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक में मंजीत सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप शर्मा, सौरव गुप्ता और रविंदर कुमार के नाम से ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया गया था। बैंक ने इन आवेदनों पर कुल 10 कार्ड जारी किए। इन कार्ड्स के माध्यम से आरोपियों ने जमकर खरीदारी की। शुरू में कुछ भुगतान किए गए ताकि बैंक को शक न हो, लेकिन बाद में अचानक पेमेंट बंद कर दी गई। जब बैंक ने दस्तावेजों की आंतरिक जांच की, तो पाया गया कि सभी पते और पहचान पत्र पूरी तरह फर्जी और झूठे थे।

जांच में खुलासा हुआ कि इन तीनों आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी पंकज पास्सी के साथ मिलकर इस साजिश को रचा था। पंकज पास्सी एक साइबर कैफे चलाता था, जहाँ इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार किया गया था। फर्जी आईडी पर क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद आरोपियों ने लाखों रुपये का सामान खरीदा और बैंक को चूना लगाया।

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस ने उन्हें 2 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उन्होंने अब तक कितने बैंकों के साथ ऐसी धोखाधड़ी की है और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।

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