निवेश के नाम पर करोड़ों डकारने वाला इंटरनेशनल सिंडिकेट बेनकाब, 8 गिरफ्तार

चार राज्यों में पुलिस की छापेमारी से कंबोडिया कनेक्शन का भी पर्दाफाश

नई दिल्ली: दिल्ली की साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने चार राज्यों में छापेमारी कर गिरोह के 8 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह सिंडिकेट कंबोडिया में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर भारतीय बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इनके पास से 10 हाई-टेक मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें कई बैंक खातों का विवरण मौजूद है।

साउथ-वेस्ट जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि वसंत कुंज निवासी एक महिला ने 15.58 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता को व्हाट्सएप पर स्टॉक ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश के नाम पर ठगा गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी विजय पाल सिंह तोमर के मार्गदर्शन और एसएचओ प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और मनी ट्रेल के विश्लेषण से पता चला कि यह नेटवर्क तेलंगाना, यूपी, राजस्थान और दिल्ली तक फैला हुआ है।

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महज 14 दिनों के भीतर एक ही म्यूल अकाउंट में 4 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। इस गिरोह के तार सीधे कंबोडिया से जुड़े हैं, जहां बैठे मास्टरमाइंड भारतीय नंबरों पर व्हाट्सएप के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में वनपतला सुनील, सकिनाला शंकर, मनोज यादव, संदीप सिंह उर्फ लंकेश, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल, शेरू और सोमपाल शामिल हैं। इनमें सोमपाल एक एमबीए स्नातक है, जो पहले सॉफ्टवेयर कंपनी चलाता था, लेकिन व्यापार में घाटे के बाद वह इस काले धंधे में शामिल हो गया। उसके खाते से अकेले 51 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी पाई गई हैं।

जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य काम फर्जी फर्में बनाकर उनके नाम पर करंट अकाउंट खोलना और उन खातों को विदेशी हैंडलर्स को कमीशन पर उपलब्ध कराना था। आदित्य प्रताप सिंह नाम का आरोपी टेलीग्राम के जरिए इन खातों की जानकारी कंबोडिया भेजता था। पुलिस ने बताया कि इस गैंग की गिरफ्तारी से देशभर की कुल 63 एनसीआरपी शिकायतों का निपटारा हुआ है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और विदेशों में बैठे इनके आकाओं की तलाश में जुटी है।

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