बिंदापुर में अवैध हथियार और कारतूस के साथ धरा गया इलाके का हिस्ट्रीशीटर

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले में अपराधियों और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “नो गैंग्स-नो गन्स” के तहत बिंदापुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने इलाके के एक कुख्यात अपराधी कुणाल उर्फ कुलदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी बिंदापुर थाने का घोषित अपराधी है और पहले से ही 15 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

द्वारका जिले के डीसीपी अंकित सिंह के मार्गदर्शन में जिले में सक्रिय अपराधियों पर नकेल कसने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में बिंदापुर एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश सांगवान के नेतृत्व में एक विशेष ‘क्रैक टीम’ का गठन किया गया, जिसमें हेड कांस्टेबल नीरज, मुकेश, कांस्टेबल आशीष और राजेश डागर शामिल थे। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक शातिर अपराधी अवैध हथियार के साथ इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए घूम रहा है।

एसीपी डाबरी राजकुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की और आरोपी कुणाल (30 वर्ष), निवासी मंशा राम पार्क, उत्तम नगर को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी कट्टा और दो कारतूस मिले। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नशे का आदी है और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुनता है। वह बिंदापुर थाने का ‘बेड कैरेक्टर’ है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बिंदापुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि द्वारका पुलिस इलाके में अवैध हथियारों और गैंग्स के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह हथियार कहां से लाया था और उसका अगला निशाना कौन था।

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