समीर सिंह हत्याकांड; वाराणसी पुलिस ने तीन बदमाशों को पकड़ा, 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, जानिए कैसे हुई गिरफ्तारी

राष्ट्रीय जजमेंट

वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र में 25 दिसबर को हुए समीर सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. मामूली विवाद में बदमाशों ने समीर सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी थी. जबकि रामू यादव गोली लगने से घायल हो गया था. डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि 100 से अधिक सीसीटीवी और 100 से अधिक लोगों से मामले में पूछताछ की गई. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने गुरुवार को धरना प्रदर्शन भी किया था.

डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव के पास 25 दिसंबर की शाम कुछ लोगों का रामू यादव और अभिषेक यादव से विवाद हो गया. विवाद के दौरान अभियुक्तों ने रामू यादव पर फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद भागते समय अभियुक्तों ने पास मौजूद युवक समीर सिंह को भी गोली मार दी. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

मृतक और घायलों ने नहीं था कोई संबंध : पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन आकाश पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि जांच के बाद सामने आया कि मृतक समीर सिंह और घायल रामू यादव के बीच कोई आपसी संबंध नहीं था, जिससे घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था. इसके अलावा, घायलों द्वारा अभियुक्तों की पहचान भी नहीं हो सकी थी.

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग : डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि मामले में करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखे गए. इस दौरान घटना से 200 मीटर दूर एक सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग दिखाई दिए. जिनकी तस्वीर साफ नजर नहीं आ रही थी. घटना से संबंधित कुछ संदिग्ध लोगों के नाम मिले. उन नामों के आधार पर सर्विलांस एवं मुखबिर को एक्टिव किया गया. जिसमें पुलिस ने बड़ागांव के रहने वाले तीन आरोपी करन प्रजापति, प्रेम शंकर पटेल, शुभम मौर्य को गिरफ्तार किया.
बगीचे के पास पेशाब करने के लिए रुके थे बदमाश : पूछताछ में पांच अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आए है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है. करन, प्रेम शंकर और शुभम मौर्य अपने दो साथियों पवन पाल एवं आकाश पाल के साथ किसी से मिलने के लिए जंसा जा रहे थे. पांचों शराब के नशे में थे. परिचित से मिलने के बाद करन, प्रेम शंकर और शुभम मौर्य वापस आ रहे थे. बगीचे के पास पेशाब करने के लिए रुके.

गाड़ी टकराने पर हुआ विवाद : डीसीपी आकाश पटेल ने बताया, बगीचे में रामू यादव और अभिषेक यादव भी गाड़ी से आए. इस दौरान गाड़ी आरोपियों से टकरा गई और कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई. रामू यादव ने हल्ला मचाया तो गांव के लोग इक्कठा होने लगे. भीड़ देखकर भागने के चक्कर में रामू को गोली मार दी. आरोपियों के पास दो बाइक थी. इसी दौरान समीर भी अपनी बाइक से बगीचे के पास पहुंच गया. आरोपी भागने के चक्कर में समीर को गोली मार दी और उसकी बाइक लेकर भाग निकले.

सभी आरोपियों पर पहले से कई केस : डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि घटना में पांच अभियुक्त के नाम सामने हैं. दीपक यादव उर्फ कन्हैया निवासी चौबेपुर, संदीप यादव, मनीष यादव, पवन कुमार पाल निवासी बड़ागांव एवं आजाद पाल निवासी रोहनिया है. इन अभियुक्तों में संदीप यादव पर 10 मुकदमे पहले से दर्ज हैं, हत्या जैसे अपराध में पहले भी जेल जा चुका है. पवन कुमार पाल पर 6 मुकदमे हैं, यह भी हत्या के मुकदमे में जेल जा चुका है. मनीष यादव एवं दीपक यादव पर भी दो-दो मुकदमें पहले से भी दर्ज हैं. यह अभ्यस्त अपराधी हैं.

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