लखनऊ: यूपी भाजपा प्रदेश संगठन में जल्द बदलाव होगा। साथ ही नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी और प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार भी होगा। मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार को कोर कमिटी की बैठक में इन मुद्दों पर मंथन हुआ। इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक पूर्वी अनिल और पश्चिमी महेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, संगठन के कुछ लोगों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं, कुछ मंत्रियों को संगठन में लाया जा सकता है। उम्मीद है कि मकर संक्रांति के बाद ये बदलाव हो सकते हैं।
लंबे इंतजार के बाद पंकज चौधरी इसी महीने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। उनके अध्यक्ष बनने के बाद कोर कमिटी की पहली बैठक हुई। पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मंगलवार सुबह पहले RSS कार्यालय भारती भवन गए। वहां RSS पदाधिकारियों के साथ संगठन पर चर्चा की। इसके बाद शाम को सीएम आवास पर कोर कमिटी की बैठक हुई। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली।
मकर संक्रांति के बाद हो सकता है बदलाव
सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठन और मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ कई आयोगों और बोर्डों के खाली पदों पर भी मंथन हुआ। अभी खरमास भी चल रहा है। ऐसे में मकर संक्रांति के बाद बदलाव पर चर्चा हुई। तब तक प्रदेश अध्यक्ष को संगठन के साथ सलाह मशविरा का वक्त मिल जाएगा। फिर केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद बदलाव किए जाएंगे।
बढ़ सकते हैं मंत्री
प्रदेश सरकार में इस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत 54 मंत्री हैं। नए बदलाव के साथ सरकार में कुल 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद दो मंत्री सांसद बन गए हैं। उनकी जगह खाली है। PWD मंत्री रहे जितिन प्रसाद और राजस्व राज्य मंत्री रहे अनूप प्रधान वाल्मीकि लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तब से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने का इंतजार हो रहा था। अब इन दोनों की जगह किसी और को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी जगह मिलने की उम्मीद है। इनके अलावा संगठन से कुछ लोगों को जगह दी जा सकती है। वहीं, विभागीय कार्य और एसआईआर सहित कई आधार पर मंत्रिमंडल से कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर काम कर रहे कुछ मंत्रियों का कद बढ़ सकता है और उनको कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। बैठक में कई आयोगों और बोर्डों में कुछ लोगों को समायोजित करने पर भी मंथन हुआ।
2027 पर फोकस
नए संगठन और मंत्रिमंडल में बदलाव विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर किए जाएंगे। इसमें मंत्रियों और पदाधिकारियों की परफॉर्मेंस को ध्यान में रखा जाएगा। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश होगी। चर्चा यह भी है कि अभी कई प्रमुख पदों पर पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व ज्यादा है। ऐसे में पश्चिम क्षेत्र से कुछ लोगों को संगठन या मंत्रिमंडल में जगह देकर बैलेंस बनाने की कोशिश होगी। हाल ही में ब्राह्मण, ठाकुर विधायकों सहित कई जातीय बैठकें हुई हैं। ऐसे में सभी जातियों का बैलेंस बनाने की भी कोशिश होगी।
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