क्राइम ब्रांच ने कस्टम एजेंट से कूरियर तक पूरा गैंग पकड़ा: 54 हजार प्रतिबंधित गोलियां बरामद, पांच बड़े तस्कर गिरफ्तार, विदेशी लिंक मिले

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया। टीम ने 54 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड गोलियां (ट्रेकन-100) बरामद करते हुए पांच आरोपियों को धर दबोचा। इन गोलियों की काला बाजारी कीमत करीब 32 लाख रुपये है। पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह पड़ोसी देशों से दवा मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में सप्लाई करता था।

डीसीपी क्राइम विक्रम सिंह ने बताया कि 7 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि सरिता विहार के मादनपुर खादर एक्सटेंशन-1 स्थित मेहक अपार्टमेंट के पास बड़ी खेप आने वाली है। इंस्पेक्टर गौरव चौधरी के नेतृत्व में टीम ने नूरानी मस्जिद के पास घेराबंदी की। शाम करीब साढ़े छह बजे संदिग्ध व्यक्ति मोहम्मद आबिद (50) को पकड़ा गया। तलाशी लेते ही उसके बड़े कार्टन बैग से 54 हजार ट्रामाडोल गोलियां बरामद हो गईं। एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत क्राइम ब्रांच थाने में मुकदमा दर्ज कर आबिद को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपने रिश्तेदार व दामाद मोहम्मद जावेद खान (45) का नाम उगला, जो कस्टम हाउस एजेंट (सीएचए) का काम करता है। जावेद को भी दबोच लिया गया। इसके बाद जांच की चेन आगे बढ़ी तो तीन और बड़े नाम सामने आए।

डीसीपी ने बताया कि टीम ने सुनिल कुमार (40) को गिरफ्तार किया, जो समालका में प्रह्लाद लॉजिस्टिक नाम से गोदाम चलाता है। विष्णु दत्त शर्मा (62) द्वारका का रहने वाला एक्सपोर्टर है, जबकि विकास सिंह उर्फ ईश्वर यादव (38) रंगपुरी में क्विक कूरियर सर्विसेज का मालिक है। ये सभी मिलकर ट्रामाडोल की खेप को गोदाम में छिपाते और कूरियर के जरिए देशभर में भेजते थे। पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि हुई है। यह गिरोह कानूनी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का फायदा उठाकर प्रतिबंधित दवाएं लाता था। ट्रामाडोल की इन गोलियों की मांग पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के नशेड़ियों में बहुत है। इस कार्रवाई से नशे के बड़े नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं और जांच जारी है।

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