फरीदाबाद पुलिस ने तोड़ा ठगी का जाल, शेयर मार्केट, टेलीग्राम टास्क और इंश्योरेंस के नाम पर लाखों की ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद में साइबर अपराधियों ने लोगों को शेयर मार्केट, टेलीग्राम टास्क, और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। अलग-अलग मामलों में कुल 71,46,497 रुपये की ठगी के पांच सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। साइबर थाना सेंट्रल और NIT की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें खाताधारक, फर्जी ट्रेडिंग एप संचालक और ठगी के लिए खाता उपलब्ध करवाने वाले शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है और मामले की गहन जांच कर रही है।

IPO में निवेश के नाम पर 3,86,000 रुपये की ठगी

सेक्टर-86 के एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज की कि व्हाट्सएप पर आए एक लिंक पर क्लिक करने के बाद वह एक ग्रुप में जुड़ गया। ठगों ने उसे IPO में निवेश का लालच देकर 3,86,000 रुपये ट्रांसफर करवाए, लेकिन न तो पैसा वापस मिला और न ही कोई रिटर्न। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से दो आरोपियों, बिलाल (22) और अरमान (22) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों बेरोजगार हैं और ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। बिलाल 10वीं और अरमान 5वीं पास है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफे का लालच, 51,60,000 रुपये की ठगी

सेक्टर-88 के एक व्यक्ति को अगस्त 2024 में ठगों ने शेयर मार्केट और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का लालच दिया। खुद को पेशेवर निवेश सलाहकार बताने वाले ठगों ने पीड़ित का डीमैट अकाउंट खुलवाकर 51,60,000 रुपये निवेश करवाए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने इनकार कर दिया। साइबर थाना सेंट्रल ने भोपाल, मध्य प्रदेश के कोरल बुड सोसाइटी निवासी संजय मधुकर मालवीय (38) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि संजय ने अपने साथी जितेंद्र के साथ मिलकर फर्जी ट्रेडिंग एप संचालित किया। संजय ने MBA की पढ़ाई की है और शेयर मार्केट में निवेश करवाने का काम करता था। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय को 5 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

टेलीग्राम टास्क के नाम पर 8,88,497 रुपये की ठगी

NIT फरीदाबाद की एक महिला ने साइबर थाना NIT में शिकायत की कि ठगों ने टेलीग्राम के जरिए संपर्क कर उसे टास्क करने का लालच दिया। झांसे में आकर महिला ने 8,88,497 रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर किए। साइबर थाना NIT ने जयपुर, राजस्थान के मनीष गुप्ता और गणेश कुमार कुमावत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि मनीष के खाते में 2,50,000 रुपये आए थे, जिसे गणेश ने ठगों के लिए उपलब्ध करवाया था। दोनों B.Com पास हैं। इन्हें 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

टेलीग्राम टास्क के नाम पर 4,12,000 रुपये की ठगी

SGM नगर, सेक्टर-48 की एक शिकायतकर्ता ने बताया कि व्हाट्सएप पर होटल और हॉस्पिटल रेटिंग के टास्क के नाम पर ठगों ने उनसे 4,12,000 रुपये ऐंठ लिए। पहले 1,62,000 रुपये ट्रांसफर करवाए गए, फिर पैसे निकालने के लिए 2,50,000 रुपये और मांगे गए। जब पीड़ित ने और पैसे देने से इनकार किया, तो ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। साइबर थाना NIT ने पश्चिम दिल्ली के अमर नगर निवासी सानिफ मलिक (20) को गिरफ्तार किया। सानिफ 10वीं पास है और परचून की दुकान पर काम करता है। उसके खाते में 25,000 रुपये आए थे, जो उसने ठगों को उपलब्ध करवाया था। उसे 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 4,00,000 रुपये की ठगी

राम कॉलोनी, सरूरपुर के एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत की कि उसने एक्सा लाइफ इंश्योरेंस से पॉलिसी ली थी। दो साल बाद वह किस्त जमा करने में असमर्थ था। तभी उसे भारतीय एक्सा लाइफ इंश्योरेंस लोकपाल के नाम से फोन आया, और एक महिला ने बातों में फंसाकर उससे 4,00,000 रुपये ट्रांसफर करवाए। साइबर थाना NIT ने मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर खेड़ी निवासी सचिन कुमार (32) को गिरफ्तार किया। सचिन 10वीं पास है और खेतीबाड़ी करता है। उसके खाते में 73,600 रुपये आए थे, जो उसने ठगों को दिए थे। उसे 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में चार अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि साइबर ठगी के इन मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों से पूछताछ में ठगी के तार अन्य राज्यों तक जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इनके नेटवर्क को तोड़ने और अन्य संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, अनजान लोगों से वित्तीय लेनदेन, और आकर्षक निवेश ऑफर से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाने को दें।

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