जम्मू-कश्मीर में पाक ड्रोन की घुसपैठ! सेना ने संभाली कमान

राष्ट्रीय जजमेंट

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने सोमवार को पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास कथित तौर पर पाकिस्तान से आए छह ड्रोन मंडराते देखे जाने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया। ये ड्रोन क्षेत्र के कई अग्रिम इलाकों में देखे गए, जिससे सुरक्षा चिंताएँ बढ़ गईं। सेना अधिकारियों ने बताया कि रविवार रात लगभग 9:15 बजे, विशेष रूप से मेंढर सेक्टर में बालाकोट, लंगोटे और गुरसाई नाला क्षेत्रों के ऊपर, ड्रोन गतिविधि देखी गई। ड्रोन काफ़ी ऊँचाई पर उड़ रहे थे, जिससे उन्हें तुरंत रोकना मुश्किल हो गया। ड्रोन कुछ मिनटों तक मंडराते रहे और फिर पाकिस्तानी क्षेत्र में लौट गए।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि इन ड्रोनों को निगरानी के लिए तैनात किया गया था, ताकि संभवतः क्षेत्र में भारतीय सैन्य गतिविधियों की खुफिया जानकारी जुटाई जा सके। उनकी उड़ान की छोटी अवधि से संकेत मिलता है कि ड्रोनों का इस्तेमाल तस्करी के बजाय टोही के लिए किया गया होगा। ड्रोन देखे जाने के बाद, भारतीय सुरक्षा बलों ने तुरंत प्रभावित इलाकों की घेराबंदी कर दी। सुबह तक, तलाशी अभियान पूरे ज़ोरों पर था, और सैनिक यह सुनिश्चित करने के लिए पूरे इलाके की तलाशी ले रहे थे कि ड्रोन से कोई हथियार या नशीले पदार्थ तो नहीं गिराए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य शत्रुतापूर्ण हवाई इकाइयों द्वारा भारतीय वायु क्षेत्र के किसी भी अन्य उल्लंघन को रोकना भी था।
हाल के वर्षों में, पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र में हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ाया है। यह बढ़ता खतरा नियंत्रण रेखा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जो पहले से ही सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद से जूझ रही हैं। पिछले तीन दिनों में यह इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले, जम्मू के गजनसू इलाके में स्थानीय लोगों ने एक ड्रोन देखा था, जो बिना कोई सामान गिराए सीमा पार गायब हो गया था।

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