आईजीआई एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश, यूपी का एजेंट गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पुलिस ने फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी एक ट्रैवल एजेंट 29 वर्षीय अभिनेश सक्सेना को गिरफ्तार किया है। सक्सेना ने दो यात्रियों को रोम के रास्ते स्वीडन भेजने के लिए फर्जी शेंगेन वीजा की व्यवस्था की थी, जिन्हें 21 अप्रैल 2025 को एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। दोनों यात्रियों ने इस यात्रा के लिए 31 लाख रुपये का भुगतान किया था।

आईजीआई एयरपोर्ट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 20-21 अप्रैल 2025 की मध्यरात्रि को दो पंजाब निवासी यात्री 18 वर्षीय तरनवीर सिंह और 20 वर्षीय गगनदीप सिंह, दोहा (कतर) के रास्ते रोम, इटली जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचे। उनके पासपोर्ट की जांच में वीजा नकली पाए गए। इसके बाद, दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान दोनों यात्रियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे चचेरे भाई हैं और स्वीडन में बेहतर कमाई की चाह में वहां जाने की योजना बनाई थी। एक रिश्तेदार के जरिए उनकी मुलाकात एजेंट लल्ली से हुई, जिसने 31 लाख रुपये में उनकी यात्रा और वीजा की व्यवस्था का वादा किया। लल्ली के सहयोगी सक्सेना ने दिल्ली के महिपालपुर में एक होटल में दोनों को फर्जी वीजा वाले पासपोर्ट सौंपे। इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान दोनों पकड़े गए।

इंस्पेक्टर सुशील गोयल के नेतृत्व में टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। लल्ली को पकड़ने के लिए पंजाब में कई छापे मारे गए, लेकिन वह फरार है। तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सक्सेना को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। सक्सेना ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह 2022 से लल्ली के साथ मिलकर फर्जी वीजा और विदेश में नौकरी के नाम पर लोगों को ठग रहा था। उसने बताया कि दोनों यात्रियों ने स्वीडन जाने के लिए उससे संपर्क किया था, जिसके बाद उसने लल्ली और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी वीजा और टिकट की व्यवस्था की। उसने महिपालपुर के होटल में यात्रियों को पासपोर्ट सौंपे थे।

आईजीआई एयरपोर्ट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि यह रैकेट संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस लल्ली की तलाश में छापेमारी कर रही है और सक्सेना के बैंक खातों की जांच कर रही है। अन्य समान मामलों में भी उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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