रूस के टी–72 टैंकों की होगी विदाई, भारतीय सेना ला रही है 1770 फ्यूचर रेडी कॉम्बट व्हीकल्स

राष्ट्रीय जजमेंट

भारतीय सेना कई बड़े फैसले कर रही है और भारतीय सेना को मजबूत करने के लिए सरकार की तरफ से भी ताबड़तोड़ तरीके से कई फैसले हो रहे हैं। अब खबर है कि भारतीय सेना के टी-72 टैंक को बदलकर उनकी जगह फ्यूचर रेडी कॉम्बट व्हीकल्स यानी जिसे हम शार्ट टर्म में एफआरसीवी कहते हैं, उसे तैनात किया जाएगा। इसके लिए तकरीबन 1770 फ्यूचर रेडी कॉम्बट व्हीकल्स तैनात किए जाएंगे। ये हथियार 60 फीसदी स्वदेशी होंगे। इन्हें बनाने के लिए दो प्रमुख कंपनियां सामने आई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने प्रस्तावों को स्वीकृत किया। ये काम तीन फेज में होगा। हर फेज 600 एफआरसीवी बनेंगे। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 50 हजार करोड़ रुपए होगी। एफआरसीवी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन इंटिग्रेशन, एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम, सिचुएश्नल अवेयरनेस, मैन एंड अनमैन टीमिंग की व्यवस्था की व्यवस्था होगी। भारत के पास इस समय 2400 टी-72 टैंक है। एफआरसीवी को तीन स्टेज में सेना में शामिल किया जाएगा। पहले फेज में 590 टैंक शामिल होंगे। हर फेज में बताया जा रहा है कि नई टेक्नोलॉजी इसमें जुड़ती चली जाएगी। इस प्रस्ताव को फॉरवर्ड रिपेयर टीम (ट्रैक्ड) के लिए भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके पास मशीनीकृत संचालन के दौरान यथास्थान पर मरम्मत करने के लिए उपयुक्त देशव्यापी (क्रॉस कंट्री) आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। यह उपकरण आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं विकसित किया गया है और मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन तथा आर्मर्ड रेजिमेंट दोनों के लिए अधिकृत है। भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) की क्षमताओं को उन्नत करने के लिए तीन एओएन प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही डोर्नियर-228 विमान की खरीद के लिए भी मंजूरी दी गयी है।

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