स्वाति मालीवाल प्रकरण ने दिलाई संतोष कोली केस की याद, जब आप कार्यकर्ता की मां ने केजरीवाल पर लगाए थे गंभीर आरोप

दबाने, छुपाने और मनाने की तमाम कोशिशों के बाद दिल्ली पुलिस ने कथित हमले पर आप सांसद स्वाति मालीवाल का बयान दर्ज कर लिया है। दिल्ली पुलिस 4 घंटे 35 मिनट तक स्वाति मालीवाल के घर में रही उनसे पूछताछ करती रही। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराएंगी। मालीवाल का शुक्रवार को दिल्ली के एम्स में मेडिकल चेकअप हुआ, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चला। सूत्रों ने बताया कि मेडिको-लीगल केस रिपोर्ट के मुताबिक, उनके चेहरे पर अंदरूनी चोटें आई हैं। धारा 354,506,509 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। स्वाति मालीवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्हें चेहरे पर 5 थप्पड़ मारे गए। लात मारी गयी। गालियां और धमकी दी गयी। स्वाति मालीवाल ने बताया कि वो किसी तरह वहां से निकल कर भागी और पुलिस को फोन किया। इससे पहले स्वाति के पूर्व पति और कभी आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के प्रमुख रहे नवीन जयहिंद ने राज्यसभा सांसद की जान को खतरा बताया था। केजरीवाल के आवास पर हुई मारपीट के बाद संतोष कोली केस की चर्चा भी तेज हो चली है। जब आप नेता की संदिग्ध मौत के बाद उसकी मां ने कई गंभीर सवाल उठाए थे। संतोष कोली 2002 में अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए एनजीओ परिवर्तन के पहले कर्मचारियों में से एक थी। उन्होंने केजरीवाल, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया और न्यूज़लॉन्ड्री के अभिनंदन सेखरी द्वारा स्थापित एक अन्य गैर सरकारी संगठन पब्लिक कॉज़ रिसर्च फाउंडेशन के साथ भी काम किया। 7 अगस्त, 2013 को एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके परिवार और आप के कई सदस्यों को संदेह है कि उनकी हत्या की गई।2017 में कोली की मां ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्हें केजरीवाल और अन्य आप नेताओं पर कोली की हत्या को दुर्घटना के रूप में कवर करने का आरोप लगाते हुए तख्तियां पकड़े देखा गया था। वीडियो में कोली की मां कहती है कि संतोष को केजरीवाल के बारे में कुछ पता था। वीडियो में वह आगे कहती हैं कि जिस दिन उनकी मौत हुई, उस दिन वह ऑफिस नहीं जाना चाहती थीं। लेकिन, उन्हें जबरन ऑफिस ले जाया गया। वंदना और कुलदीप उसे ऑफिस ले गए। वो भी उसकी स्कूटी से नहीं। बल्कि कुलदीप की बाइक से, जो एक्सीडेंट में जल गई। उनका कहना है कि उन्होंने कभी बाइक को ऐसे राख बनने तक जलते नहीं देखा। दुर्घटना में ड्राइवर भी बिन हताहत हुए भाग गया और कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं रहा।

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