गोरखपुर जिले के खजनी गोलीकांड में रोगा बांके यादव, कांस्टेबल सूरज यादव और मनोज यादव को निलंबित किया गया। वहीं उनपर विभागीय जांच भी होगी। यहां खजनी थाने से 500 मीटर दूर मऊधर मंगल गांव में रविवार सुबह मकान का छज्जा निकालने के विवाद में गोली चल गई थी। आरोप है कि दो पक्षों में विवाद के बीच लखनऊ में तैनात सिपाही प्रमोद यादव ने पिस्टल से दो लोगों को गोली मार दी।
खजनी थाने में दोनों ही पक्षों ने कई बार प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने न तो राजस्व टीम की मदद से मामला सुलझाने की कोशिश की और न ही बवाल होने के बाद मौके पर पहुंची।
अस्पताल में भी आमने-सामने हो गए थे दोनों पक्ष
गोली और मारपीट में घायल, स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो एक बार फिर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। इस बार गनीमत थी कि पुलिस सक्रिय हो गई और यहां पर बड़ी घटना टल गई।जानकारी के मुताबिक, मऊधर मंगल गांव में सुरेमन यादव व प्रमोद यादव का घर अगल-बगल है। प्रमोद यादव मकान बनवा रहे हैं। वह दूसरी मंजिल पर छज्जा निकालना चाहते थे। इसका सुरेमन का परिवार विरोध कर रहा था।
मामला एसडीएम खजनी के पास गया तो उन्होंने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इसे लेकर लखनऊ में तैनात सिपाही प्रमोद यादव व एसएसबी में तैनात उनके भाई भागीरथी यादव, छुट्टी लेकर गांव आ गए। वह सुलह-समझौते से मामले का हल निकालने की कोशिश में लगे थे। इसी बीच निर्माण कार्य शुरू हुआ तो सुरेमन के परिवार ने आपत्ति जताई।
इसी बात पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सब लाठी-डंडा लेकर आमने-सामने आ गए। जमकर मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी बीच प्रमोद यादव ने पिस्टल से गोली चला दी। गोली से दो लोग घायल हो गए। आरोप है कि एक व्यक्ति ने प्रमोद के पक्ष के जयगोविंद के सिर पर डंडे से वार कर दिया। इसके विरोध में सुरेमन के भाई रामधारी के सिर पर भी लाठी से हमला कर लहूलुहान कर दिया गया।
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