पढ़िए आज का राशिफल और पंचांग, 06 मार्च 2022

नीरजपाराशर आचारय:
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*** जय श्री राधे ***
?? *महर्षि पाराशर पंचांग* ??
??? *अथ पंचांगम्* ???
***ll जय श्री राधे ll***
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*दिनाँक-: 06/03/2022,रविवार*
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——— चतुर्थी 21:11:27 तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र——- अश्विनी 27:49:46
योग———– ब्रह्म 23:59:08
करण——- वणिज 08:47:38
करण—– विष्टि भद्र 21:11:27
वार———————- रविवार
माह———————-फाल्गुन
चन्द्र राशि ——————— मेष
सूर्य राशि—————– कुम्भ
रितु———————- शिशिर
आयन—————- उत्तरायण
संवत्सर——————– प्लव
संवत्सर (उत्तर)————- आनंद
विक्रम संवत————- 2078
विक्रम संवत (कर्तक)——2078
शाका संवत————– 1943

वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:39:57
सूर्यास्त————– 18:21:18
दिन काल ————–11:41:21
रात्री काल———– 12:17:35
चंद्रोदय————– 08:51:46
चंद्रास्त————– 21:56:48

लग्न—-कुम्भ21°16′ , 321°16′

सूर्य नक्षत्र——— पूर्वाभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र—————अश्विनी
नक्षत्र पाया—————–स्वर्ण

*??? पद, चरण ???*

चु—- अश्विनी 08:44:20

चे—- अश्विनी 15:03:25

चो—- अश्विनी 21:25:15

ला—- अश्विनी 27:49:46

*??? ग्रह गोचर ???*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=कुम्भ 21:12 ‘पू o भा o , 1 से
चन्द्र =मीन 02°23, अश्विनी , 1 चु
बुध = मकर 29 ° 07 ‘ धनिष्ठा ‘ 2 गी
शुक्र=मकर 05°05, उ oषा o ‘ 3 जा
मंगल=मकर 05°30 ‘ उ o षा o ‘ 3 जा
गुरु=कुम्भ 20°30 ‘ पू o भा o, 1 से
शनि=मकर 24°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 1 गा
राहू=(व)वृषभ 02°00’ कृतिका , 2 ई
केतु=(व)वृश्चिक 02°00 विशाखा , 4 तो

*??? मुहूर्त प्रकरण ???*

राहू काल 16:54 – 18:21 अशुभ
यम घंटा 12:31 – 13:58 अशुभ
गुली काल 15:26 – 16:54 अशुभ
अभिजित 12:07 -12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 16:48 – 17:35 अशुभ

?गंड मूल 06:40 – 27:50* अशुभ

?चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:40 – 08:08 अशुभ
चर 08:08 – 09:35 शुभ
लाभ 09:35 – 11:03 शुभ
अमृत 11:03 – 12:31 शुभ
काल 12:31 – 13:58 अशुभ
शुभ 13:58 – 15:26 शुभ
रोग 15:26 – 16:54 अशुभ
उद्वेग 16:54 – 18:21 अशुभ

?चोघडिया, रात
शुभ 18:21 – 19:54 शुभ
अमृत 19:54 – 21:26 शुभ
चर 21:26 – 22:58 शुभ
रोग 22:58 – 24:30* अशुभ
काल 24:30* – 26:02* अशुभ
लाभ 26:02* – 27:35* शुभ
उद्वेग 27:35* – 29:07* अशुभ
शुभ 29:07* – 30:39* शुभ

?होरा, दिन
सूर्य 06:40 – 07:38
शुक्र 07:38 – 08:37
बुध 08:37 – 09:35
चन्द्र 09:35 – 10:34
शनि 10:34 – 11:32
बृहस्पति 11:32 – 12:31
मंगल 12:31 – 13:29
सूर्य 13:29 – 14:28
शुक्र 14:28 – 15:26
बुध 15:26 – 16:24
चन्द्र 16:24 – 17:23
शनि 17:23 – 18:21

?होरा, रात
बृहस्पति 18:21 – 19:23
मंगल 19:23 – 20:24
सूर्य 20:24 – 21:26
शुक्र 21:26 – 22:27
बुध 22:27 – 23:29
चन्द्र 23:29 – 24:30
शनि 24:30* – 25:32
बृहस्पति 25:32* – 26:33
मंगल 26:33* – 27:35
सूर्य 27:35* – 28:36
शुक्र 28:36* – 29:37
बुध 29:37* – 30:39

*?? उदयलग्न प्रवेशकाल ??*

कुम्भ > 05:44 से 07:10 तक
मीन > 07:10 से 08:41 तक
मेष > 08:41 से 11:24 तक
वृषभ > 11:24 से 13:05 तक
मिथुन > 13:05 से 14:29 तक
कर्क > 14:29 से 16:53 तक
सिंह > 16:53 से 17:54 तक
कन्या > 17:54 से 09:09 तक
तुला > 09:09 से 11:36 तक
वृश्चिक > 11:36 से 02:48 तक
धनु > 02:48 से 03:52 तक
मकर > 03:52 से 05:44 तक

*?विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*?दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*? अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

4 + 1 + 1 = 6 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*?? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ??*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

*? शिव वास एवं फल -:*

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

*?भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रातः 08:47 से रात्रि 21:11 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*?? विशेष जानकारी ??*

*सर्वार्थसिद्धि योग 27:50 तक

* विश्वाचार्य पाटोत्सव

* विनायक चतुर्थी

* अविघ्न चतुर्थी

* संत चतुर्थी (उड़ीसा)

*??? शुभ विचार ???*

कामधेनुगुण विद्या ह्यकाले फलदायिनी ।
प्रवासे मातृसदृशी विद्या गुप्तं धनं स्मृतम् ।।
।।चा o नी o।।

विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है. वह विदेश में माता के समान रक्षक अवं हितकारी होती है. इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.

*??? सुभाषितानि ???*

गीता -: क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

कार्यकरणकर्तृत्वे हेतुः प्रकृतिरुच्यते ।,
पुरुषः सुखदुःखानां भोक्तृत्वे हेतुरुच्यते ॥,

कार्य (आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी तथा शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध -इनका नाम ‘कार्य’ है) और करण (बुद्धि, अहंकार और मन तथा श्रोत्र, त्वचा, रसना, नेत्र और घ्राण एवं वाक्‌, हस्त, पाद, उपस्थ और गुदा- इन 13 का नाम ‘करण’ है) को उत्पन्न करने में हेतु प्रकृति कही जाती है और जीवात्मा सुख-दुःखों के भोक्तपन में अर्थात भोगने में हेतु कहा जाता है॥,20॥,

*?? दैनिक राशिफल ??*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

?मेष
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।

?वृष
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है।

?मिथुन
प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। लाभ होगा।

?कर्क
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा।अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं।

?सिंह
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।

?‍♀️कन्या
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें।

⚖️तुला
यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। हंसी-मजाक में हल्कापन न हो, ध्यान रखें। कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

?वृश्चिक
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।

?धनु
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।

?मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें।

?कुंभ
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा।

?मीन
धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

?आपका दिन मंगलमय हो?
?????????
*आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)*
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,0941261859

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