–मानसा जिले के गांव जोगा की 15 वर्षीय अंजलि को 22 जुलाई को हुआ था पेट में दर्द।
-परिजनों ने गंभीर हालत में बठिंडा के निजी अस्पताल में कराया था भर्ती, 5 दिन बाद मौत।
बठिंडा-
सोमवार को फुटबाल की नेशनल लेवल की खिलाड़ी की मौत हो गई। बताया जाता है कि उसे 5 दिन पहले उसे पेट में दर्द हुआ था। इसके चलते गलती से कोई जहरीली दवा का सेवन कर लिया था। इसके बाद परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अपने आखिरी लम्हों में उसने अपनी जर्सी और मैदान की मिट्टी मंगवाई। जैसे ही उसकी इस अंतिम इच्छा को पूरा किया, उसकी सांसें थम गई। कोच और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
मानसा जिले के गांव जोगा की रहने वाली 15 वर्षीय अंजलि गांव के ही सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा थी और फुटबॉल की खिलाड़ी थी। परिजनों ने बताया कि 22 जुलाई को अंजलि का अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई। उसने गलती से घर में पड़ी कोई जहरीली दवा खा ली। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तो आनन-फानन में उसे बठिंडा के निजी अस्पताल में लाया गया।
यहां अंजलि बिलकुल ठीक हो गई थी, लेकिन सोमवार सुबह अचानक फिर से हालत खराब हुई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। अंजलि ने कोच जसवीर सिंह से मरने से पहले उससे बातें की। परिजनों ने बताया कि अंजलि ठीक होकर मैदान जाने की इच्छा रखती थी, लेकिन परमात्मा को कुछ और मंजूर था। शायद उसे अपने अंतिम समय का आभास हो चुका था और इसी के चलते उसने कोच से गेम की जर्सी और मैदान की मिट्टी मंगवाई। जैसे ही उसकी यह तमन्ना पूरी की गई, उसकी सांसें थम गई।
मिडफील्डर के तौर पर गेम खेलती थी अंजलि
कोच जसवीर सिंह ने बताया कि वह गर्ल्स कोचिंग सेंटर के नाम से एकेडमी चलाते हैं। उनके पास गरीब लड़कियां फुटबॉल की ट्रेनिंग लेती हैं, इन्हीं में से एक खिलाड़ी अंजलि भी थी। अंजलि फुटबॉल टीम में मिडफील्डर के तौर पर खेलती थी। उसने जिला स्तर पर 4 गोल्ड मेडल, स्टेट लेवल पर 2 सिल्वर मेडल हासिल किए थे। इसके अलावा नेशनल भी खेल चुकी थी। उसका सपना था कि वह एक दिन फुटबॉल की अच्छी कोच बनेगी, ताकि गांव की अन्य लड़कियों को खेल के लिए प्रोत्साहित कर सके।