सी.आर. पार्क थाना पुलिस ने पिकेट चेकिंग के दौरान दबोचे दो सगे भाई, भारी मात्रा में जेवरात व नगदी जब्त

नई दिल्ली: दिल्ली के साउथ जिले की सी.आर. पार्क (चित्तरंजन पार्क) थाना पुलिस टीम ने संपत्ति संबंधी अपराधों और वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस पिकेट टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलकनंदा मार्केट के पास चेकिंग के दौरान वाहन चोरी और सेंधमारी की दर्जनों वारदातों में शामिल दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ सेठी (31) और टींकू उर्फ भोला (29) के रूप में हुई है, जो फेज-6, बांध रोड, आया नगर, दक्षिण दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने इनके कब्जे और घर पर की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में चोरी का सामान, 11 मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, एक बटनदार चाकू और वारदात में इस्तेमाल की जा रही चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। इस प्रभावी कार्रवाई से पुलिस ने फतेहपुर बेरी, वसंत कुंज और सी.आर. पार्क थानों में दर्ज सेंधमारी, वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के 5 गंभीर मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है।

साउथ जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि इलाके में अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सी.आर. पार्क थाना पुलिस द्वारा अलकनंदा मार्केट के पास विशेष पिकेट लगाकर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवकों को आते देखा। पुलिस स्टाफ को सामने देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और मोटरसाइकिल मोड़कर तेजी से दौड़ा दी। अलर्ट पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई और पीछा करके कुछ ही दूरी पर दोनों भाइयों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। जब उनके पास मौजूद हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल की जांच की गई, तो वह वसंत कुंज नॉर्थ थाने से ई-एफआईआर के तहत चोरी की पाई गई।

गहन पूछताछ के दौरान आरोपी टींकू उर्फ भोला ने कबूल किया कि वे दोनों सगे भाई हैं और बुरी संगत में पड़ने के कारण उन्हें स्मैक व अन्य नशीले पदार्थों की गंभीर लत लग गई थी। अपनी इसी नशे की जरूरत और महंगे खर्चों को पूरा करने के लिए दोनों ने मिलकर चोरी और सेंधमारी का रास्ता चुन लिया। वे चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करके आया नगर और उसके आसपास के इलाकों में रेकी करते थे।

आरोपियों ने अपने अनोखे मॉडस ऑपेरंडी का खुलासा करते हुए बताया कि वे मुख्य रूप से ऐसे बंद और सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे जिनके मालिक लंबे समय से बाहर गए हुए हों। वे रात के समय वारदातों को अंजाम देते थे और घरों के मुख्य ताले तोड़ने के बजाय छतों, बालकनी या घर के पिछले हिस्सों के रास्ते अंदर दाखिल होते थे ताकि ताला टूटने की आवाज से आसपास के लोग जाग न जाएं और किसी को शक भी न हो। चोरी करने के बाद वे सारा सामान अपने आया नगर स्थित घर में छुपा देते थे और बाद में उसे स्थानीय बाजारों में औने-पौने दामों पर बेचकर तुरंत नशा खरीदते थे।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उनके ठिकाने से चोरी की गई संपत्ति की एक बड़ी खेप बरामद की है, जिसमें 11 मोबाइल फोन, 7 कलाई घड़ियां, 2 सोने की चेन, 7 चांदी के सिक्के, करीब 750 ग्राम सोने-चांदी के जेवरात, एक चांदी की मूर्ति, ₹99,000 नगद कैश और सी.आर. पार्क इलाके से लहराया गया एक बटनदार चाकू शामिल है। इस गिरोह के पकड़े जाने से फतेहपुर बेरी थाने में दर्ज सेंधमारी के 3 मामलों, वसंत कुंज थाने के वाहन चोरी के 1 मामले और सी.आर. पार्क थाने में आर्म्स एक्ट के 1 मामले का सफल निपटारा हुआ है। पुलिस अब दोनों भाइयों से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने चोरी के अन्य सामानों को किन-किन कबाड़ियों या रिसीवरों को बेचा है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More