एंटी बर्गररी सेल ने 4 किलो गांजे के साथ दो तस्करों को दबोचा, मुख्य आरोपी निकला बांग्लादेशी घुसपैठिया

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी बर्गररी सेल की पुलिस टीम ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो शातिर ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अबुलखैर (48 वर्ष) निवासी जयपुर (राजस्थान) और फजलू (35 वर्ष) निवासी हजरत निजामुद्दीन दरगाह (दिल्ली) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के पास मौजूद पिठू बैग से कुल 4 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने डाबरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अबुलखैर मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है और पहले भी केरल में ड्रग्स तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि जिले को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए “नशे पर लगाम, देश को सलाम !!” नाम से एक विशेष फ्लैगशिप प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एंटी बर्गररी सेल को द्वारका और आसपास के इलाकों में सक्रिय ड्रग पेडलर्स की जानकारी जुटाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके लिए एसीपी (ऑपरेशंस) सुभाष मलिक के पर्यवेक्षण और एंटी बर्गररी सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर विवेक मैन्दोला के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर विनोद, एएसआई राजेश, हेड कांस्टेबल अनिल, हेड कांस्टेबल कृष्ण और कांस्टेबल आशीष शामिल थे।

सूचना के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर विनोद को उनके एक खास मुखबिर से पक्की जानकारी मिली कि दो नशा तस्कर गांजे की एक बड़ी खेप लेकर उसे बेचने के इरादे से डाबरी थाना क्षेत्र के विजय एन्क्लेव इलाके में आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। कुछ समय बाद मुखबिर के इशारे पर पीठ पर बैग टांगे आ रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम को सामने देखकर और खतरा भांपकर दोनों आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन अलर्ट पुलिस स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया और घेराबंदी करके दोनों को मौके पर ही धर दबोचा।

पुलिस टीम ने जब कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों के बैग की तलाशी ली, तो दोनों के बैग से दो-दो किलो यानी कुल 4 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद डाबरी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी मोहम्मद अबुलखैर ने खुलासा किया कि उसका जन्म बांग्लादेश में हुआ था। वह साल 1980 में अपने परिवार के साथ अवैध रूप से भारत आया था और जयपुर में बस गया था। पिता की मौत के बाद मां ने उसे जयपुर की एक दरगाह में छोड़ दिया, जहां वह बड़ा हुआ। वह काम के सिलसिले में दिल्ली आता-जाता रहता था, जहां उसकी मुलाकात निजामुद्दीन दरगाह में फजलू से हुई। साल 2024 में पश्चिम बंगाल के सियालदह में उसे मोहम्मद खलील नाम का एक व्यक्ति मिला, जिसने उसे ज्यादा पैसों का लालच देकर केरल, राजस्थान और दिल्ली में गांजा सप्लाई करने के धंधे में धकेल दिया। अबुलखैर साल 2025 में केरल के पठानमथिट्टा जिले में 2.2 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार भी हुआ था और अप्रैल 2025 में ही जेल से छूटा था।

वहीं दूसरे आरोपी फजलू ने बताया कि वह दिल्ली का ही रहने वाला है और माता-पिता की मौत के बाद से निजामुद्दीन दरगाह के पास रहता है। अबुलखैर 15 मई को पश्चिम बंगाल से गांजे की खेप लेकर आया था और निजामुद्दीन दरगाह में रुका था, जिसके बाद वे दोनों इस खेप को बेचने डाबरी आए थे और पकड़े गए। फजलू का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य सप्लायर मोहम्मद खलील और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए मामले की आगे की जांच कर रही है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More