उत्तराखंड: बैठक में बिना तैयारी आए अफसरों पर फूटा सीएम धामी का गुस्सा, कहा- ये बर्दाश्त नहीं होगा

राष्ट्रीय जजमेंट 

उत्तराखंड सचिवालय में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो शायद कई अधिकारियों को लंबे समय तक याद रहेगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में बैठे थे और सामने थे ऐसे अधिकारी जो न अपने विभाग की घोषणाओं की पूरी जानकारी लेकर आए थे, न जमीनी हकीकत. बस कागज थे और कागजों पर लिखे वही पुराने जवाब. अफ़सर ने बिना तैयारी के पेपर सामने रखे तो सीएम पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा फूट पड़ा. जिसके बाद उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की बैठक में बिना तैयारी के आना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. कई विकास कार्य सिर्फ इसलिए अटके पड़े हैं क्योंकि एक विभाग दूसरे का इंतजार कर रहा है. बिना तैयारी आए अफसरों को लगाई फटकार मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय समन्वय की कमी विकास की सबसे बड़ी दुश्मन बन रही है. उन्होंने निर्देश दिया कि 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश जारी हों और जिन पर शासनादेश पहले से जारी हो चुके हैं, उन पर काम तत्काल शुरू हो. साथ ही 15 जून से पहले एक और समीक्षा बैठक होगी जिसमें हर काम की ताजा स्थिति सामने आनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने यह भी मांगा कि हर विभाग की रिपोर्ट आए किसने कितनी घोषणाएं पूरी कीं और कितनी अभी बाकी हैं. इस बैठक में एक मुद्दा उठा जहां कई जगह काम शुरू हो गया है लेकिन, शिलापट्ट नहीं लगाया गया है. जनता को पता ही नहीं कि यह काम किस घोषणा के तहत हो रहा है. सीएम ने कहा कि अगर जल्द ही शिलापट्ट नहीं लगा तो जिलाधिकारी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. सीएम धामी ने कहा कि जो काम जिले में हल हो सकता है, उसे वहीं निपटाया जाए. हर छोटी-बड़ी बात के लिए सचिवालय का दरवाजा खटखटाना न तो सही है और न ही स्वीकार होगा. अल्मोड़ा की 4 विधानसभाओं की गहन समीक्षा बैठक के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की विस्तृत पड़ताल की. सोमेश्वर में कुल 90 घोषणाएं हैं, जिनमें पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और कृषि से जुड़े कई मामले अभी भी लटके हैं. सल्ट विधानसभा में 69 घोषणाएं हैं. जिनमें धर्मस्व, ग्राम्य विकास, पर्यटन, लोक निर्माण और शहरी विकास से जुड़े कामों में गति लाने को कहा गया. रानीखेत विधानसभा में 33 घोषणाओं की समीक्षा में सड़क, पर्यटन, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया गया. वहीं जागेश्वर की 48 घोषणाओं में पर्यटन, पेयजल, युवा कल्याण, शिक्षा, संस्कृति और आवास की योजनाओं पर तेजी लाने के निर्देश दिए गए. ‘जनता से किए वादे हर हाल में पूरे होंगे’ मुख्यमंत्री धामी ने जो कहा राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है. प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सल्ट, रानीखेत और जागेश्वर के विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव और जिलाधिकारी मौजूद रहे. आलोक सेमवाल उत्तराखंड के देहरादून की खबरों पर नजर रखते हैं. एबीपी लाइव के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन BA hons मास कम्यूनिकेशन HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी की हैं.

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