दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी सेंध: गेट तोड़कर पोर्टिको तक पहुंची तेज रफ्तार सिएरा कार, सुरक्षाकर्मियों को कुचलने की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक, दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सोमवार दोपहर एक सिरफिरे युवक ने अपनी टाटा सिएरा कार से जमकर तांडव मचाया। दोपहर करीब सवा दो बजे, जब विधानसभा परिसर में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत नंबर की एक सफेद कार ने गेट नंबर-2 के लोहे के भारी-भरकम बैरियर को टक्कर मारते हुए भीतर प्रवेश किया। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि सुरक्षाकर्मी संभल पाते, उससे पहले ही वह मुख्य पोर्टिको तक जा पहुंची।

प्रत्यक्षदर्शियों और विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, गेट टूटने की आवाज से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। कार सीधे मुख्य भवन के सामने रुकी, जहाँ से लगभग 37 वर्षीय सारबजीत सिंह हाथ में फूलों का गुलदस्ता और गेंदे के फूलों की माला लेकर उतरा। उसने वह गुलदस्ता वहां रखा, जिसे देखकर एक बारगी सुरक्षाकर्मियों को किसी संदिग्ध वस्तु या बम का अंदेशा हुआ। करीब 5 मिनट तक वह शख्स परिसर के भीतर गाड़ी घुमाता रहा। जब सीआरपीएफ के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरने की कोशिश की, तो उसने कार को रिवर्स गियर में डाला और खतरनाक तरीके से मोड़ते हुए जवानों पर चढ़ाने का प्रयास किया।

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों को सूचना दी गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा स्वयं मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। पूरी दिल्ली में नाकाबंदी कर दी गई और वायरलेस पर संदेश प्रसारित किया गया। करीब दो घंटे बाद शाम 4:15 बजे, उत्तरी जिले की पुलिस टीम ने रूप नगर इलाके में घेराबंदी कर कार को रोक लिया। कार चालक सारबजीत सिंह के साथ दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है।

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सारबजीत सिंह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित पूरनपुर का रहने वाला है। पीलीभीत पुलिस से संपर्क करने पर एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी 1 अप्रैल को घर से निकला था और पिछले पांच दिनों से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। परिजनों का कहना है कि बीमारी के दौर में सारबजीत का व्यवहार हिंसक और अनियंत्रित हो जाता है। वह 2 अप्रैल को बरेली पहुंचा और फिर वहां से दिल्ली आया। हालांकि, उसने इस पूरी योजना के बारे में अपने परिवार को कानों-कान खबर नहीं होने दी।

डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें सुरक्षाकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश के कारण ‘हत्या का प्रयास’, ‘सरकारी काम में बाधा डालना’, ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान’ और ‘आपराधिक घुसपैठ’ जैसी धाराएं शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल एक विक्षिप्त व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। गनीमत रही कि उस समय विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा था, अन्यथा यह चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी।

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