योगी सरकार की बड़ी सौगात, 1 अप्रैल से संविदाकर्मियों का बढ़ेगा मानदेय, कितनी मिलेगी सैलेरी?

यूपी में योगी सरकार ने संविदाकर्मियों को बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के आधार पर प्रदेशभर में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के मानदेय में इजाफा होने वाला है।
विभागों द्वारा आउटसोर्सिंग के लिए किए जाने वाले टेंडर में नई सेवा शर्तों और मानेदय को शामिल किया जा रहा है। इसके आधार पर विभागों में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलने का रास्ता साफ होने जा रहा है।

सेवा शर्तों के मुताबिक चौकीदार, चपरासी को 10 हजार के स्थान पर 18 हजार, अनुवादक, कंप्यूटर आपरेटर, डाटा एंट्री आपरेटर को करीब 23 हजार रुपये दिए जाने का टेंडर किया जा रहा है। सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, सीनियर प्रोगामर को 37 हजार, स्टैटिकल ऑफिसर 29 हजार और सीनीयर डाटा एंट्री आपरेटर को करीब 30 से 31 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है। विभागों द्वारा अपने टेंडर प्रकिया में इन सेवा शर्तों को शामिल किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनने के बाद ऐसी कर्मियों को मानदेय देने को लेकर कोई अड़चन न आए।

सीईओ ऑफिस ने मानदेय बढ़ोत्तरी का लिया फैसला

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से तैनात किए गए कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया गया है। सीईओ कार्यालय की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में तैनात दो-दो कंप्यूटर ऑपरेटरों, जिला मुख्यालयों में तैनात प्रोग्रामरों व चपरासियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने को लेकर टेंडर जारी कर दिया है। अभी तक कंप्यूटर ऑपरेटरों को 15600 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। अब ईपीएफ सहित इन्हें 23000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। ऐसे ही प्रोग्रामरों को अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार 25000 से 26000 रुपये मानदेय दिया जाता है। अब इन्हें 29000 रुपये मासिक मानेदय मिलेगा।

मई में मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय

ऐसे ही चपरासियों को 12900 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। अब एक अप्रैल से लागू होने वाली व्यवस्था के तहत इन्हें 18000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बीएलओ व निर्वाचन के कार्य में लगे अन्य कर्मियों के भत्तों में बढ़ोत्तरी किए जाने के बाद एसआईआर के काम में लगे इन आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी मानदेय बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर सीईओ कार्यालय ने मंजूरी देकर इसे लागू करने का निर्णय लिया है। मई में जो मानदेय आएगा वह इन्हें नई दरों के अनुसार बढ़ाकर दिया जाएगा। इसी तरह अन्य विभागों द्वारा भी अपने यहां टेंडर प्रक्रिया में मानदेय बढ़ाने के संबंध में प्रावधान किया जा रहा है।

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