आबकारी विभाग के सिपाही का अपहरण कर शराब गोदाम में बनाया बंधक; AATS ने दो आरोपियों को इंडो-नेपाल बॉर्डर से दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला अंतर्गत एन्टी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) की टीम ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और अंतरराज्यीय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए अपहरण व डकैती के मामले का सफल खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों राहुल नैन (रोहतक) और विनोद कुमार (झज्जर) को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता आरोपी विनोद कुमार की गिरफ्तारी रही, जिसे पुलिस टीम ने पंजाब और उत्तराखंड होते हुए भारत-नेपाल सीमा (बनबसा) तक पीछा कर उस वक्त दबोचा, जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि यह घटना 23 फरवरी की रात की है, जब दिल्ली आबकारी विभाग में तैनात कांस्टेबल नरेश शर्मा अपने ड्राइवर के साथ शालीमार बाग इलाके में अवैध शराब की सूचना जुटा रहे थे। इसी दौरान लाठी-डंडों से लैस बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने न केवल उनके साथ मारपीट की और लूटपाट की, बल्कि सरकारी पहचान बताने के बावजूद उनका अपहरण कर उन्हें हरियाणा के बहालगढ़ स्थित एक शराब के गोदाम में ले गए। वहां उन्हें बंधक बनाकर पिस्टल की नोंक पर धमकाया गया और उनके वीडियो भी बनाए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस रणजीत ढाका और एएटीएस इंचार्ज इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एसआई रवि सैनी और उनकी टीम ने जांच शुरू की। टीम ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों का पीछा शुरू किया। जांच में पता चला कि राहुल नैन इस गिरोह का हिस्सा है जो हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करता था। पुलिस ने पहले राहुल को गिरफ्तार किया, जिसने अपने साथी विनोद कुमार की संलिप्तता का खुलासा किया।

आरोपी विनोद कुमार को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने उत्तर भारत के कई राज्यों में छापेमारी की। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह जीरकपुर (पंजाब) से उत्तराखंड के नैनीताल और कैंची धाम होता हुआ नेपाल सीमा की ओर बढ़ गया। एएटीएस की टीम ने हार नहीं मानी और अंततः 18-19 मार्च की रात को बनबसा हाईवे के पास से उसे उस समय दबोच लिया जब वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाला था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी विनोद कुमार पहले भी 5 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस शराब माफिया नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं।

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