बांधा के मवई बाईपास चौराहे पर चल रही हनुमंत कथा के दूसरे दिन शनिवार को बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं.धीरेंद्र शास्त्री ने धर्म की कथा सुनाई। उन्होंने भगवान श्रीराम को धर्म की साक्षात प्रतिमूर्ति बताया।
उन्होंने कहा कि दीनहीनों की मदद करना, दूसरे को प्रसन्नता देना ही सच्चा धर्म होता है। जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी रक्षा स्वयं धर्म करता है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि रील के चक्कर में चरित्र खराब हो रहा है। परिवारों के टूटने और तलाक के बढ़ते मामलों के लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की एक-एक चौपाई का विस्तार से वर्णन किया और उसका महत्व बताया। सभी को सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प दिलाया। कहा कि मनुष्य तो अपने लिए बेहतर ही सोचता है, लेकिन परमात्मा अपने भक्त के लिए बेहतरीन सोचते हैं। उन्होंने मौजूदा पारिवारिक स्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे की मजबूत डोर पर टिका होता है। परिवार में पति-पत्नी के बीच विश्वास और भरोसे का रिश्ता कायम हो तो घर स्वर्ग से सुंदर बन जाता है, लेकिन जिस रिश्ते में विश्वास का आभाव हो वहां जीवन नरक से बदतर हो जाता है। उन्होंने जीवन को सार्थक बनाने के लिए गुरुकृपा को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि खुद के प्रभाव या गुरुकृपा के बल पर ही भगवान की कृपा प्राप्त हो सकती है। एक सच्चा व अच्छा गुरु रंक को भी राजा बनाने की शक्ति रखता है। बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने स्वामी एकनाथ की कथा सुनाकर जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा दी।
हनुमंत कथा सुनने के लिए जनपद समेत आसपास के कई जिलों व मध्य प्रदेश के हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं। शनिवार को औद्योगिक विकास मंत्री व प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी व जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह कथा पंडाल पहुंचे और करीब दो घंटे तक मौजूद रहे।
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