पैन इंडिया साइबर निवेश धोखाधड़ी गिरोह से तीन और आरोपी गिरफ्तार, कुल सात दबोचे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने पैन इंडिया स्तर के मल्टी लेयर्ड साइबर निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट को झटका देते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरिफ सैयद (मुंबई), समर सैनी (फरीदाबाद) और मोहम्मद राहन अनुमी (मुंबई) शामिल हैं। अब तक इस मामले में कुल सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों से कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं और मनी ट्रेल की गहन जांच जारी है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी अदित्य गौतम ने बताया कि यह मामला 3 नवंबर को दर्ज एफआईआर का है, जिसमें शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप और एक फ्रॉड मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी IPO और ट्रेडिंग स्कीम में निवेश के लिए उकसाया गया। कुल 27.20 लाख रुपये की ठगी हुई, जो कई म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए रूट की गई। पहले चरण में चार आरोपी मयूर मारुति सानस, गौरव जाधव, मोहम्मद यूसुफ अली और मोहम्मद अबरार खान गिरफ्तार किए गए थे, जो प्राइमरी म्यूल अकाउंट्स संचालित करते थे। इनमें एम/एस नेक्सस-इन ब्रॉडबैंड का करंट अकाउंट शामिल था, जिसमें शिकायतकर्ता से 14 लाख रुपये आए थे।

तफ्तीश के दौरान लेयर-2 म्यूल अकाउंट्स और फैसिलिटेटर्स का पता चला। 26 दिसंबर को मुंबई से आरिफ सैयद को गिरफ्तार किया गया, जो पहले गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद यूसुफ अली के इशारे पर काम करता था। वह अकाउंट होल्डर्स के साथ मिलकर म्यूल अकाउंट्स खोलता और ऑपरेट करता था। 3 जनवरी को फरीदाबाद से समर सैनी को पकड़ा गया। उसके अकाउंट में आरोपी मयूर मारुति सानस से 4 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। 8 जनवरी को मुंबई के पेल्हार थाने से मोहम्मद राहन अनुमी गिरफ्तार किया गया। वह भी म्यूल अकाउंट्स फैसिलिटेट करता था। 2013 में पठानकोट में एक पड़ोसी विवाद का मामला दर्ज है। उसके पास से दो मोबाइल फोन मिले।

डीसीपी ने बताया कि जांच में सिंडिकेट का पूरा मॉडस ऑपरेंडी सामने आया है। सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश सलाहकार बनकर ठगी करते थे। लेयर-1 म्यूल अकाउंट्स में पैसे आते, फिर लेयर-2 में ट्रांसफर कर सिफॉन ऑफ कर देते। कोऑर्डिनेटर्स सिम कार्ड, क्यूआर कोड और बैंकिंग डिटेल्स मैनेज करते। पहले की जांच में पता चला कि आरोपी पुणे के एक होटल में साथ रुके थे और शेयर्ड सिम-क्यूआर से तेजी से पैसे ट्रांसफर करते थे। बैंक अकाउंट्स का फाइनेंशियल एनालिसिस और मनी ट्रेल की जांच जारी है। इस गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त करने के प्रयास तेज हैं।

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