वॉलीबॉल कोर्ट से ओलंपिक तक, काशी में नेशनल चैंपियनशिप के उद्घाटन पर पीएम मोदी ने बताया भारत का मिशन 2036

राष्ट्रीय जजमेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन किया। काशी के सांसद के रूप में खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए पीएम ने कहा कि यह टूर्नामेंट ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सुंदर तस्वीर पेश कर रहा है, क्योंकि इसमें देश के 28 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल के खेल को भारत की प्रगति से जोड़ते हुए एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘वॉलीबॉल संतुलन, सहयोग और इच्छाशक्ति का खेल है। जिस तरह वॉलीबॉल में जीत टीम के आपसी भरोसे और तालमेल पर निर्भर करती है, वैसे ही हमारा देश भी टीम भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाता है, तभी राष्ट्र सफल होता है।’एथलीट-केंद्रित मॉडल और नए सुधारपीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद से भारत का खेल मॉडल पूरी तरह बदल चुका है। अब सरकार की नीतियां एथलीटों के कल्याण को प्राथमिकता देती हैं। उन्होंने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इन सुधारों से खेलों में पारदर्शिता आएगी और सही प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।भारत की नजर 2036 ओलंपिक परसंबोधन के दौरान पीएम ने भारत की भविष्य की खेल योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत ने फीफा अंडर-17 और हॉकी वर्ल्ड कप जैसे 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की सफल मेजबानी की है।पीएम ने कहा, ‘भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए सक्रिय रूप से दावेदारी की तैयारी कर रहा है।’काशी का बदलता स्वरूपप्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में तैयार हो रहे नए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर से यहां के युवाओं को बहुत फायदा हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी अब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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