भारत ने पाकिस्तान के परमाणु बम के इस्तेमाल करने की गीदड़भभकी का जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया है और आतंकवाद के आकाओं को एक मनोवैज्ञानिक संदेश दिया कि कोई भी पहुंच से बाहर नहीं है तथा पाकिस्तान में कोई भी स्थान आतंकियों के लिए सुरक्षित नहीं है। सरकारी सूत्रों ने रविवार को यह बात कही। सूत्रों ने बताया कि भारत ने इस अभियान (ऑपरेशन सिंदूर) के माध्यम से पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद के जवाब का एक ‘नया अध्याय’ लिखा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का भारतीय जवाब ‘‘बड़ा और मजबूत’’ होना चाहिए। एक सूत्र ने पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा, “वहां से गोली चलेगी, तो यहां से गोला चलेगा।”
सूत्रों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी पूरा नहीं हुआ है और सीमा पार आतंकवाद की कीमत चुकानी पड़ेगी क्योंकि पाकिस्तान अपने चुने हुए क्षेत्रों में सहयोग की उम्मीद करते हुए आतंकवाद को जारी नहीं रख सकता। यह पूछने पर कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्रधानमंत्री के निर्देशों को पूरा करने में कामयाब रहा, एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा, “मरकज को मिट्टी में मिला दिया, आगे का भी देखेंगे।” सूत्र छह मई की देर रात नौ आतंकवादी प्रशिक्षण स्थलों और मुख्यालयों पर किए गए सटीक हमलों का जिक्र कर रहे थे। यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में कितने और आतंकवादी ठिकाने बचे हैं, जिस पर सवाल दागते हुए एक अन्य सूत्र ने पूछा, पाकिस्तान कितना बड़ा है? सूत्रों ने इस बात पर भी जोर दिया कि टकराव कभी भी परमाणु संघर्ष के चरण तक नहीं पहुंचा, जिसकी पाकिस्तान की ओर से धमकी दी जाती रही है, जिसकी सेना भारत की तुलना में बहुत छोटी है।
भारत ने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया: सशस्त्र बल
भारत ने पाकिस्तान को तीन दिन चले सैन्य संघर्ष के दौरान भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के नवीनतम प्रौद्योगिकी वाले कुछ लड़ाकू विमानों को मार गिराना और राजधानी इस्लामाबाद के निकट प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाना भी शामिल है। भारतीय सेना ने रविवार को यह जानकारी दी। सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि संघर्ष में 35-40 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और नयी दिल्ली ने अपने वांछित लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारतीय सेना ने हल्के नुकसान की बात स्वीकार की, हालांकि अभियान जारी होने के कारण विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। एयर मार्शल एके भारती ने यहां संवाददाताओं से कहा, हम लड़ाई की स्थिति में हैं और नुकसान लड़ाई का हिस्सा है।
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