जन सुराज के चुनाव चिन्ह पर बोले प्रशांत किशोर, सिंबल नहीं, बिहार में बदलाव महत्वपूर्ण है

राष्ट्रीय जजमेंट

Prashant Kishore said on Jan Suraj’s election symbol, change is important in Bihar, not symbol.

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने आज कहा कि चुनाव आयोग जो भी पार्टी का चुनाव चिन्ह आवंटित करेगा, वे उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव चिन्ह नहीं बल्कि बदलाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जो भी सिंबल आवंटित करेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे। सिंबल महत्वपूर्ण नहीं है, बिहार में बदलाव महत्वपूर्ण है, अच्छे उम्मीदवार का चुनाव महत्वपूर्ण है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जो भी जन सुराज के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं, चुनाव आयोग आज जो भी सिंबल देगा, हम उसी को लेकर जनता के बीच जाएंगे। इससे पहले 2 अक्टूबर को प्रशांत किशोर ने पटना में अपनी नई राजनीतिक पार्टी “जन सुराज पार्टी” का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया था। शुभारंभ समारोह में उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले दो सालों से सक्रिय है और हाल ही में चुनाव आयोग से इसे मंजूरी मिली है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज अभियान 2-3 सालों से चल रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि हम पार्टी कब बनाएंगे। हम सभी को भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जन सुराज को जन सुराज पार्टी के रूप में स्वीकार कर लिया है।चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद अब जन सुराज पार्टी अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इससे पहले प्रशांत किशोर ने घोषणा की थी कि पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें से बनने वाली पार्टी की ओर से 40 महिला उम्मीदवार होंगी। बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है। किशोर ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सही सोच वाले प्रतिनिधियों का चुनाव होना चाहिए, और यही उनकी पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।

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