रक्तदान क्यों है कहा जाता है सबसे बड़ा दान, आइये जानते हैं

भाइयो आज बहुत ही भावुक और सच्ची घटना आप सभी से शेयर कर रहा हुँ।

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बात 9-09-2021 की है, मैं बरेली से कैंची धाम जा रहा था।मैं रास्ते मे किच्छा में था तभी मेरे मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया उधर से बहुत ही घबराई हुई आवाज़ में किसी गाँव के व्यक्ति की आवाज़ आयी मैने कहा हा बताईये क्या काम है बोला बाबूजी मैं आपके शोरूम पर खड़ा हुँ मुझे अपने जेवर के बदले 5000rs चाहिये, तो मैंने उससे कहा भैया आज बृहस्पतिवार है शोरूम बंद रहता हैं, आप कल आ जाईये, तो वह उधर से बोला भैया मै बहुत जगह घूम कर आपके पास आया हुँ,आपकी बहुत मेहरबानी होगी।कैसे भी करा दीजिए घर से करा दीजिये|

मेरा मरीज़ रोहिलखंड अस्पताल में भर्ती है, दो बार अस्पताल से फ़ोन आ चुका हैं मुझे अस्पताल में पैसे जमा करने है, जब उसने अस्पताल का नाम लिया तो मुझे लगा कि शायद ये सच मे परेशान है इसकी मदद करनी चाहिए बदकिस्मती से उस दिन मेरे घर पर भी घर का कोई सदस्य नही था,जो उसे पैसे दे सके।तो मैंने अपने अपने ग्रुप के ही एक सदस्य (नाम गुप्त रखा है) को कॉल किया और समस्या बताई,उन्होंने कहाँ आप भेज दीजिये मैं पैसे दे देता हुँ।उनका भी बहुत शुक्रिया जो उन्होंने मेरी बात को गंभीरता से लिया।तब मैंने उस व्यक्ति से किसी से कहा आसपास में किसी से पूछ मेरे घर के गेट पर पहुँच कर मुझे काल कीजिये आपको वहाँ एक भैया मिलेंगे वो आपको पैसे दे देंगे।

उसके बाद वह पैसे लेकर चला गया जाने के बाद उसका दोबारा मेरे नंबर पर फ़ोन आया और बहुत ही विनम्रता और दुखी मन से धन्यवाद करने लगा, मैने कहा कोई बात नही परेशान मत हो भगवान सब अच्छा करेंगे, आप इलाज कराओ किसी भी चीज़ की ज़रूरत पड़े तो मुझे कॉल कर लेना और हा अगर खून की ज़रूरत पड़े तो मुझे ज़रूर कॉल करना इतना कह कर मैन कॉल डिसकनेक्ट कर दी। ठीक उसके 2 दिन बाद उस व्यक्ति का मुझे कॉल की और बोला बाबूजी हमारे भाई का ऑपेरशन होना है डॉक्टर ने 5 बोतल खून मांगा था 1 बोतल हमारे भाई ने दे दिया है, लेकिन अभी 4 बोतल और चाहिए, मैने कहा हो जाएगा परेशान मत हो तो वह उधर से बोला भैया कितने पैसे लोगे बतादो|

उसकी बात सुनकर मेरे चेहरे पर हल्की मुस्कान आयी और मैने कहा भैया हम पैसे लेने वाले लोग नही है, आप परेशान न हो हमे कोई रुपया नही चाहिए, आपके 4 बोतल खून की ज़िम्मेदारी हमारी, मैने उसे रात 10 बजे का समय दे दिया,मैने अपने चचेरे भाई से पूछा खून दोगे, चुकी उसके पहले कभी भी रक्तदान नही किया था जो वो थोड़ा झिझका और फिर तुरंत बोला हा दे दूँगा, मैंने रात 9 बजे अपनी गाड़ी उठायी और अपने भाई को उसके घर से लेकर रोहिलखंड अस्पताल चल दिया गेट पर पहुँच कर मरीज़ के भाई को काल किया वो गेट पर ही मेरा इंतज़ार कर रहा था |

फिर उसके साथ जाकर जिन डॉक्टर के अंतर्गत मरीज़ का इलाज चल रहा था डॉ अमान सिद्दीकी से बात की उन्होंने बताया ये बेचारा पिछले 2 दिन से खून के लिए बहुत परेशान है अच्छा हुआ आप आ गए खून की वजह से इनकी सर्जरी रुकी हुई है इसकी आंत का कैंसर है,बातचीत के बाद मैने और मेरे भाई ने रक्तदान किया,मरीज़ का भाई आँख में आंसू लिये हमारे साथ साये के साथ घूम रहा है,बहुत मना करने के बाद भी रक्तदान के समय भी वो हमारे रूम के बाहर हाथ जोड़े खड़ा ही रहा उसने हमें 1 पल के लिए अकेला नही छोड़ा चलते समय वो बहुत दुआएं देने लगा |

मैने चलते वक़्त उससे कहा परेशान मत हो भगवान सब अच्छा करेगा फिर हम लोग अस्पताल से घर वापस आ गए,और आज 2 दिन बाद उस व्यक्ति का 2 बोतल खून के लिए मेरे पास दोबारा कॉल आया,मैन कहा हो जाएगा यकीन करिए मेरे हो जाएगा कहते ही रोते हुए वो मुझे इतनी दुआएं देने लगा कि 1 पल में मैं धरती का सबसे धनी व्यक्ति हो गया, जब हम किसी की सहायता के लिये हाथ बढ़ाते हैं तब वह व्यक्ति हमे दिल से जो दुआएं देता है।सच मे दोस्तो सच्ची दौलत यही है जो जीवन के साथ भी है और जीवन के बाद भी।और आज ग्रुप के सदस्य हमारे बड़े भाई नीरज भैया ने भी उसी व्यक्ति को रक्तदान किया है।

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