भ्रष्टाचार और लूट की प्रकाष्ठा पार कर चुके कई खंड विकास अधिकारी के ट्रांसफर पर आला अधिकारी चुप्प क्यों

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सुल्तानपुर ग्राम पंचायतों के विकास की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी की होती है सुल्तानपुर सभी विकास खंडों में बैठे खंड विकास अधिकारी पिछले कई सालों से एक ही विकासखंड में बैठकर भ्रष्टाचार की मलाई काट रहे हैं ग्राम प्रधान ग्राम विकास अधिकारी एडीओ पंचायत भ्रष्टाचार की अफीम चटाने वाले सभी विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी है कई खंड विकास अधिकारी ऐसे भी हैं जिन्हें लूट के लिए दो-दो विकास खंडों की जिम्मेदारी दी गई है

जिन्हें कुछ बाहुबलियो का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है ऐसा ही एक विकास खंड विकास खंड धनपतगंज यहां के खंड विकास अधिकारी संदीप सिंह पिछले कई सालों से विकासखंड धनपतगंज के साथ साथ कभी कूरेभार तो कभी बल्दीराय विकासखंड की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं खंड विकास अधिकारी धनपतगंज और बल्दीराय के बारे में सूत्र बताते हैं कि मयंग के बाहुबली भाइयों पूर्व विधायक वर्तमान ब्लाक प्रमुख का संरक्षण प्राप्त है

इसके साथ ही एक बड़े राजनेता के संरक्षण के कारण ही खंड विकास अधिकारी धनपतगंज संदीप सिंह ना तो भ्रष्टाचार की कभी जाँच हुई और ना ही इनका ट्रांसफर किया गया वर्तमान में खंड विकास अधिकारी धनपतगंज संदीप सिंह को दो विकास खंडों की जिम्मेदारी प्राप्त है नाम ना बताने की शर्त पर दोनों ही विकास खंडों के कई ग्राम प्रधानों का कहना है कि एक जाति विशेष के ग्राम प्रधानों को ना केवल फायदा पहुंचाते रहे हैं

बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष में अपने कई रिश्तेदारों व कई भट्ठा मालिकों को निजी लाभ पहुंचाते रहे हैं सीधा और साफ तौर पर यह कहा जाए तो कई ग्राम सभाओं में भ्रष्टाचार और ग्राम विकास धनराशि की लूट में विकासखंड धनपतगंज के पूर्व एडीओ पंचायत देवेंद्र मिश्रा जिनका अभी हाल ही में कादीपुर विकासखंड ट्रांसफर किया गया है पिछले वित्तीय वर्षों में प्रधानमंत्री आवास शौचालय पंचायत भवन निर्माण के अलावा कई अन्य विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता में विकासखंड धनपतगंज संदीप सिंह के सहयोगी रहे हैं

यही नहीं विकासखंड धनपतगंज के ग्राम सभाओं में हुए भ्रष्टाचार में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से इन्हें बाहुबली भाइयों का संरक्षण रहा है इसके अलावा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के एक बड़े राजनेता का संरक्षण ही है कि विकास खंड धनपतगंज के खंड विकास अधिकारी का ना तो किसी दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया और ना ही पूर्व में हुए भ्रष्टाचार वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई

जब कभी भी किसी भी भ्रष्टाचार की खबर मीडिया में आई तो ग्राम विकास अधिकारी को दिखावे के लिए सस्पेंड कर दिया गया और फिर कुछ ही माह में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से उसे बहाल कर दिया गया
सुल्तानपुर संवादाता की रिपोर्ट

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