वोडाफोन-आइडिया अब VI ब्रांड के नाम से जानी जाएगी, लोगो भी बदला

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नई दिल्ली, । दिग्गज टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने सोमवार को कंपनी के रिब्रांडिंग की घोषणा की। कंपनी अब नए ब्रांड नेम ‘Vi’ से जानी जाएगी। कंपनी के मुताबिक इसे हम ‘We’ के रूप में पढ़ सकते हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में दोनों ब्रांड के इंटीग्रेशन का टेलीकॉम जगत का सबसे बड़ा एकीकरण करार दिया गया है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस मौके पर कहा कि कहा कि वोडाफोन और आइडिया दोनों ने नेटवर्क अनुभव, ग्रामीण कनेक्टिविटी, ग्राहक सेवा, उद्यम गतिशीलता समाधान और कई अन्य नए मानक स्थापित किए हैं।
वोडाफोन आइ़डिया के MD और CEO रविंदर टक्कर ने नए ब्रांड को लांच करते हुए कहा, ”वोडाफोन आइडिया का विलय दो साल पहले हुआ था। हम तबसे दो बड़े नेटवर्क, हमारे लोगों और प्रोसेस के एकीकरण की दिशा में काम कर रहे थे। आज VI ब्रांड को पेश करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है….भारतीय आशावादी होते हैं और जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।”
वोडा आइडिया के सीईओ रविंदर टक्कर ने कहा कि कंपनी टैरिफ में बढ़ोतरी के लिए तैयार है। नए टैरिफ से कंपनी को एआरपीयू सुधारने में मदद मिलेगी। यह अभी 114 रुपये है जबकि एयरटेल और जियो का एपीआरयू क्रमशः 157 रुपये और 140 रुपये है।
कंपनी के बोर्ड ने हाल में इक्विटी शेयर जारी करके या ग्लोबड डिपोजिटरी रिसीट, अमेरिकन डिपोजिटरी रिसीट, फॉरेन करेंसी बॉन्ड्स, कंवर्टिबल डिबेंचर्स के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी। इससे नकदी संकट में फंसी VIL को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या में लगातार कमी आ रही है। साथ ही इसके एवरेज रेवेन्यू पर यूजर में भी कमी आई है। कंपनी को बकाया एजीआर के रूप में सरकार को 50,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।
पिछले सप्ताह Vodafone Idea ने कहा था कि कंपनी को बोर्ड को अमेरिका के वायरलेस कैरियर Verizon Communications Inc और Amazon.com Inc से निवेश का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ये दोनों कंपनियां Vodafone Idea में निवेश कर सकती हैं।
कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के AGR से जुड़े फैसले के बाद रणनीतिक निवेश को लेकर ऐलान किए जाने की जानकारी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों को बकाया एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) के भुगतान के लिए 10 साल का समय दिया था। हालांकि, Vodafone Idea Limited ने इसके लिए 15 वर्ष का समय मांगा था।
31 अगस्त, 2018 को Vodafone Idea और Idea Cellular के विलय के बाद Vodafone Idea Limited के रूप में कंपनी की रिब्रांडिंग हुई थी। कुमार मंगलम बिड़ला कंपनी के चेयरमैन हैं।

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