गेंद करते समय सबसे ज्यादा डर वीरेंद्र सहवाग से लगता था- मुथैया मुरलीधरन

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इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन ने उस खिलाड़ी का नाम बताया है जिसने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया था। अपनी स्पिन गेंदबाजी से दुनियाभर के बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले मुथैया मुरलीधरन ने बताया है कि उन्हें सचिन तेंदुलकर को गेंदबाजी करते वक्त उतनी परेशानी नहीं हुई, जितनी परेशानी उनके लिए वीरेंद्र सहवाग ने खड़ी की थी।

आकाश चोपड़ा के साथ एक शो में बातचीत के दौरान मुथैया मुरलीधरन ने कहा, ‘वीरेंद्र सहवाग को गेंदबाजी करते हुए डर लगता था, क्योंकि सहवाग ही एकमात्र बल्लेबाज थे, जो निडर होकर क्रिकेट खेलते थे। गेंदबाज उनके सामने बेबस हो जाता था। भले ही वो दिन की पहली गेंद खेल रहे हों या फिर 98 या 99 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हों वो हमेशा खराब गेंद को बाउंड्री पार भेजने के लिए तैयार रहते थे।’

मुरलीधरन ने एक अन्य सवाल का जवाब दिया जिसमें उनसे पूछा गया कि सहवाग को वह कैसे आउट करने की सोचते थे? इस पर मुरलीधरन ने कहा ‘वीरेंद्र सहवाग के लिए हम डीप फील्डर्स रखते थे। मुझे पता रहता था कि सहवाग चांस लेंगे। वह ब्रायन लारा की तरह नहीं हैं जो आपका सम्मान करेंगे, सहवाग एकदम अलग थे।’

मुरलीधरन ने सहवाग की तारीफ करते हुए आगे कहा, “सहवाग का मानना था कि उनके पास 2 घंटे हैं और इन दो घंटों में उन्हें 150 रन बनाने हैं। उनका एटिट्यूड ऐसा था कि अगर वो एक दिन खेल गए तो वो 300 रन अकेले बना दूंगा। ऐसे में अगर वो लंच के बाद भी आउट हो जाते थे तो भी 150 रन बना देते थे। सहवाग कभी नहीं सोचता था कि वो 94 रनों पर बल्लेबाजी कर रहा है या 98 पर। जब बल्लेबाज शतक के करीब होता है तो वो एक या दो रन लेने की सोचता है लेकिन सहवाग छक्का मारने की सोचते थे। सहवाग कभी ये नहीं सोचते थे कि उनका शतक पूरा होगा या नहीं। सहवाग गिलक्रिस्ट और सनथ जयसूर्या की तरह मैच विनर थे।’

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