महाराष्ट्र की सियासत का अब सुप्रीम कोर्ट बना अखाड़ा

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महाराष्ट्र में छाए सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। शिंदे की ओर से उनको विधायक दल के नेता के पद से हटाए जाने, बागी विधायकों को नोटिस दिए जाने और डिप्टी स्पीकर द्वारा अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने को लेकर याचिका दायर की है। दरअसल, बगावत के बाद शिवसेना ने एकनाथ शिंदे पद से हटाकर अजय चौधरी को विधायक दल का नेता बनाया है।

वहीं डिप्टी स्पीकर के खिलाफ शिंदे गुट की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसे डिप्टी स्पीकर ने खारिज कर दिया था। वहीं शिंदे गुट के बागी विधायकों को कहना है कि डिप्टी स्पीकर की ओर से भेजे गए नोटिस अवैध हैं।शिंदे गुट ने भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और मशहूर वकील मुकुल रोहतगी को भी केस की जिम्मेदारी सौंपी है।

इसके अलावा मनिंदर सिंह और महेश जेठमलानी भी शिंदे गुट की तरफ से जिरह करेंगे। उधर, सीएम उद्धव ठाकरे भी इस केस को हारना नहीं चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने अपने केस की जिम्मेदारी दिग्गज अभिषेक मनु सिंघवी को सौंपी है। वहीं जाने माने वकील कपिल सिब्बल भी उद्धव ठाकरे की ओर से कोर्ट में उनका पक्ष रखेंगे।

इसके अलावा राजीव धवन और देवदत्त कामत भी दलील पेश करेंगे।
महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने भी अपना पक्ष रखने के लिए जाने माने वकील रवि शंकर जांध्याल को जिम्मेदारी सौंपी है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच आज इस मामले में सुनवाई करेगी।

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