अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रहित सर्वोपरि कार्यक्रम के 31वें कार्यक्रम हुआ संपन्न

अभिभावक आदर्श होंगे तभी हमारी युवा पीढ़ी भी संस्कारित होगी: ब्रिग्रेडियर पंकज सिन्हा

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लखनऊ। हमारी युवा पीढ़ी हमें ही देखकर सीखती है ऐसे में अभिभावकों का भी दायित्व है कि वे एक आदर्श नागरिक बनकर दिखाएं। वे ऐसा करेंगे तो उन्हें देखकर बच्चे भी उनका अनुसरण करेंगे और उनमें अच्छे संस्कारों का विकास होगा। सिर्फ अच्छी बातें करने से वे संस्कारयुक्त नहीं बनेंगे। जब हम अच्छे काम करेंगे, तभी हमारे बच्चे भी हमें देखकर सीखेंगे और देश के सुनहरे भविष्य में अपना योगदान दे सकेंगे। उक्त उद्गार मुख्य अतिथि सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित बिग्रेडियर पंकज सिन्हा ने आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रहित सर्वोपरि कार्यक्रम के 31वें अंक में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम सरस्वती कुंज, निराला नगर के राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केन्द्र में विद्या भारती, एकल अभियान, इतिहास संकलन समिति अवध, पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं विश्व संवाद केन्द्र अवध के संयुक्त अभियान में चल रहा है।
कार्यक्रम अध्यक्ष अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के सह संगठन मंत्री संजय, हर्ष ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेकों वीरों ने योगदान दिया और कई मातृभूमि के लिए बलिदान हो गए लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को तोड़-मरोड़ के पेश किया गया, जिससे देश के असली नायक भुला दिये गए । उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का उद्देश्य इतिहास में भुला दिए गए उन वीरों और उनकी वीर गाथाओं को जन-जन तक पंहुचाना है जिससे हमारा देश मृत्युंजय राष्ट्र बना रहे। उन्होंने आपको जो कुछ बनना है उसके लिए लक्ष्य तय करिए, लेकिन सबसे पहले आपको भारतीय बनना होगा। हमारे देश में क्रांति से ज्यादा महत्व संक्राति का रहा है। आज जो कुछ हमें मिला है उसके लिए कई पीढ़ियों ने अपना योगदान दिया है।

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