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विवाह- विच्छेद समाज लिए जहर है – सतीश कुमार सारस्वत

देश में अनेक सामाजिक समस्याएं हैं। कुछ समस्या तो ऐसी है जो अन्य समाज समस्याओं को जो अन्य समस्याओं को जन्म दे रही हैं। जिससे समाज पूरी तरह पीड़ित है, जिनमें जनसंख्या वृद्धि, गरीबी, भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा,बाल अपराध, भ्रूणहत्या व…

स्वस्थ भारत-जागरूक भारत की परिकल्पना को करना है साकार : स्वामीश्री चिन्मय यूएसए सरस्वतीजी

आयुर्वेद कोई चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि वेद ही है असाध्य रोगों को जड़ से मिटाकर कर रहे मानव सेवा बीकानेर। जिन परिस्थितियों में हमारा मानव समाज रह रहा है उन परिस्थितियों में आवश्यकता है कि आयुर्वेद को अपनाएं। आयुर्वेद कोई चिकित्सा पद्धति…

हिंदी भाषा बोलने में स्नेह और सम्मान दोनों का बोध होता है- विशाल जैन पवा

हिंदी दिवस पर बुंदेलखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ललितपुर के तत्वाधान में ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन ललितपुर। अंतराष्ट्रीय हिंदी दिवस पर बुंदेलखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी में जिला प्रवक्ता विशाल जैन पवा ने कहा…

भाषा, सामूहिक स्मृति और ज्ञान को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम

महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में आज दिनांक 14.09.2020 को विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में वेद विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय प्रभारी प्रो. उमाशंकर तिवारी के मुख्यातिथ्य, ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. मानवेन्द्र…

लगता है टेलीविजन को अब मारना ही होगा

मुख्यधारा के टेलीविजन चैनलों की तमाम डिबेट्स में टीआरपी बढ़ाने के नाम पर किस तरह का बेहूदा माहौल बनाया जाता है? यह देश के करोड़ों दर्शकों से छिपा नहीं है। ऐसे ही टीवी देखते प्रभाष जी का असामयिक निधन हुआ था । टीवी की बहस में एंकर सहित…

लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ पता नहीं क्यों समाज में फैले भ्रष्टाचार की समीक्षा नहीं कर पा रहा है?

परिंदो की उड़ानों को अभी कुछ आम होने दो..! अभी सूरज नही डूबा अभी कुछ शाम होने दो..! मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढते क्यों हो..! मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो..!! लोकतन्त्र के स्वतन्त्र आवरण के बीच चौपाये के रूप में ख्याति…

आपातकाल में भी सरकार द्वारा आर्थिक आंकड़ों का मायाजाल

अनिल त्रिवेदी आर्थिक आंकड़ों का हेर फेर, छसौ अरब बनाम 5 रोज आंकडों का मायाजाल बहुत भयावह होता है। जैसे यह डेढ़ सौ रूपये की राहत सामग्री के आंकडों की घोषणा में कहा गया अस्सी करोड़ विपन्न लोगों को जुलाई से नवम्बर याने पांच माह तक राशन देने…

दिल्ली में भाजपा कितना भी जोर लगा ले, मुख्यमंत्री तो बनेगे केजरीवाल ही

(नरेश प्रधान) लखनऊ। भारत में लोकसभा चुनाव हो या किसी भी प्रदेश का विधानसभा चुनाव हो, भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अन्तर रहता है। यह बात दिल्ली प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में उस वक्त देखने को मिली। जब दिल्ली की 70…

वर्तमान समय में अपनी प्रतिभाओं को खोता भारत

बीते पांच वर्षों में जैसी परिस्थितिया उभर कर सामने आयीं उन्हें देखकर यह महसूस होने लगा कि हमारे सामाजिक और ऐतिहासिक ढांचे पर करारा प्रहार किया गया है। ऐतिहासिक ढांचे को ध्वस्त करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, आज के दौर में मिडिया की…

जब मॉ बहन की गाली, मॉ बहनें ही देने लगे तो …..

मिट्टी का कण-कण भारत की सभ्यता और संस्कृति की महक सारे जहॉ में बिखेरता हैं। जी हॉ, यह वह भारत है जहॉ सदाचार एवं सद्भाव का परचम हमेशा लहराता रहता हैं। ये वही भारत है जहॉ जरूरत पड़ने पर नारी क्रान्तिकारी रूप धारण कर रानी लक्ष्मीबाई बन जाती…

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