PWD ने बुलडोजर लगाकर, सिविल लाइन रोड की 36 दुकानें तोड़ी

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देवरिया जिले के सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण कर बनाई गई करीब तीन दर्जन दुकानों को पीडब्ल्यूडी ने बुलडोजर लगवा कर तोड़ दिया।
इस दौरान व्यापारियों ने काफी विरोध भी किया। इसे देखते हुए भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा।
तोड़ी गई दुकानों में 22 नगर पालिका की और 8 रामजानकी मंदिर से संबंधित हैं।
शहर में वर्षों से लोक निर्माण विभाग की जमीन पर नगरपालिका द्वारा
निर्मित दुकानों पर काबिज लोगों को हटाने के लिए आज प्रशासन का हथौड़ा चला।
रविवार की सुबह से ही जेसीबी मशीन लगाकर रामजानकारी मंदिर के समीप से
कोआपरेटिव बैंक के आखिरी छोर तक निर्मित दुकानों व भवनों को तोड़ा गया।
इस दौरान एसडीएम, सीओ व पीडब्लूडी एक्सईन व विभाग के कर्मचारियों के अलावा
भारी संख्या में पीएसी व पुलिस के जवान मौजूद रहे।
उधर अतिक्रमण हटाने के चलते सड़क पर कुछ देर तक लम्बा जाम लगा रहा।
जिसे हटाने में ट्रैफिक पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर इसके चलते लोगों में हड़कम्प रहा। गौरतलब हो कि
लोक निर्माण विभाग द्वारा फोर लेन योजना के तहत शहर में चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।
शहर के रामजानकी मंदिर के समीप से लेकर कोआपरेिअव बैंक के आखिरी छोर तक
लोक निर्माण विभाग की जमीनों पर नगर पालिका द्वारा दुकानों का निर्माण कराया गया है। वहीं कुछ लोग दुकान बनाकर रह रहे हैं।
उधर इन दुकानों के चलते लोक निर्माण विभाग का सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा था।
इन दुकानों को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नगरपालिका को नोटिस भी दिया था।
इसके बाद शुक्रवार की सुबह एसडीएम सदर रामकेश यादव, सीओ सीताराम व लोक निर्माण विभाग के
एक्सईएन डीके चौधरी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों की मौजूदगी मे
नगरपालिका की डेढ़ दर्जन से अधिक दुकाने तोड़ी गई।
वहीं लोक निर्माण की विभाग की जमीनों पर काबिज प्राइवेट लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया।
अतिक्रमण हटाए जाने के चलते सुबह से बिजली काट दी गई।
पूरे इंतजाम के साथ प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने को लेकर मुस्तैद रहा।
उधर अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान कोआपरेटिव बैंक कर्मियों ने एसडीएम,
सीओ व एक्सईएन से बिना किसी नोटिस दिए बाउंड्री तोड़े जाने पर आपत्ति जताते हुए
इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही।
जबकि लोक निर्माण के अधिकारियों का कहना था कि
जहां जान माल की क्षति होने की संभावना होती है वहां विभाग अपनी जमीन खाली कराने के लिए पहले नोटिस देता है।
इसके बाद कार्रवाई की जाती है। यहां कुछ ऐसा नहीं है।
लोक निर्माण विभाग के हिस्से में जितनी जमीन है उतना विभाग अपने कब्जे में ले रहा है।
इस दौरान शहर कोतवाल विजय नारायण,
लोनिवि के सहायक अभियंता सीपी सिंह, धनुषधारी, मोहन लाल गुप्ता, दीपक सिंह
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सहित भारी संख्या पुलिस फोर्स मौजूद रही। समचार लिखे जाने तक अतिक्रमण हटाने का काम चलता रहा।

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