अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम:- कमजोर न समझो- मैं पहले की नहीं – आज की नारी हूँ

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फर्रुखाबाद। आधी दुनिया को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है । महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ में महिला दिवस पर सोमवार को मिशन शक्ति के अनंता इवेंट के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया।

इस दौरान इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का लाइव प्रसारण भी देखा। कार्यक्रम का शुभारम्भ , जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा, भोजपुर विधायक नागेन्द्र सिंह मुख्य विकास अधिकारी एम अरुन्मोली मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वंदना सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया | कार्यक्रम का संचालन बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह ने किया |

कार्यक्रम के दौरान सिटी गर्ल्स इंटर कालेज की छात्राओं ने नृत्य नाटिका के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या और पीडी महिला डिग्री कालेज की छात्रा मानसी श्रीवास्तव ने कविता के माध्यम से समाज को जागरूक करते हुए कहा कि मुझे कमजोर न समझो – मैं पहले की नहीं – आज की नारी हूँ। भोजपुर विधायक नागेन्द्र सिंह ने कहा कि आज भारत की महिलाएं महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रही हैं। ज्ञान-विज्ञान से लेकर व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, राजनीति जैसे क्षेत्र में भी देश की महिलाएं दुनियाभर में अपना परचम लहरा रही हैं ।

हालाँकि इतनी सफलता के बावजूद भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बहुत कुछ किया जाना बांकी है। सदर विधायक मेजर सुनील दत्त ने कहा वास्तविक मायने में महिला दिवस तभी सार्थक होगा जब महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से पूर्ण आजादी मिलेगी । समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिये को समझा जाएगा । तब उन्हें कोई अफ़सोस नहीं होगा कि उसने पुरुष के रूप में जन्म क्यों नहीं लिया और गर्व से कह सकेंगी कि वह जगत जननी है।

जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि महिलाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण दुनिया भर में महिलाओं की दशा में सुधार हुआ है परन्तु अभी भी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। मुख्य विकास अधिकारी एम अरुन्मोली ने कहा कि भारत में महिलाओं को शिक्षा, समानता और शासन में भागीदारी जैसे मौलिक अधिकार प्राप्त हैं । धीरे-धीरे देश में महिलाओं के प्रति धारणा बदल रही है । महिलाओं की दशा में सकारात्मक बदलाव हुआ है, परिस्थितियां बदल रही है ।

भारत में आज महिलाएं न केवल सरकारी नौकरियों और शासन-प्रशासन के पदों पर काबिज हैं बल्कि वह आर्मी, एयरफोर्स, पुलिस, आईटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में भी कामयाबी की बुलंदियां छू रही हैं। प्रमुख समाजसेवी डॉ रजनी सरीन ने कहा कि घरेलू हिंसा, बलात्कार, रुढ़िवादी परिवारों में पुरुषों के मुकाबले असामनता ऐसे कटु सत्य हैं जिससे देश और समाज अभी भी जूझ रहा है । इससे मुकाबला करने के लिए शिक्षा का प्रसार ही एकमात्र उपाय है।

इस दौरान मोह्मदाबाद ब्लॉक के गाँव करथिया की बहादुर बेटी अंजली, एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारी बनी 15 छात्राओं, रखा बालिका इन्टर कालेज की सात और सिटी गर्ल्स इंटर कालेज की 12 छात्राओं, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के अंतर्गत मार्शल आर्ट सीख चुकी 10 छात्राओं, स्वयं सहायता समूह की दो महिलाओ, नीतू वर्मा केस वर्कर वन स्टाप सेंटर, अलग अलग ब्लाकों से 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए संघमित्रा भास्कर प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़, इंदु मिश्रा प्रधानाचार्य एनएकेपी इंटर कालेज और विनीता सारथी इंस्पेक्टर महिला थाना फतेहगढ़ को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा, सीएमओ डॉ वंदना सिंह, महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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