महाराष्ट्र की राजिनीति-इस्तीफा से पहले छोरा सरकारी आवास, अपने विधायकों से लगायी अपील

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सूरत: महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है. सीएम उद्धव ठाकरे की भावुक अपील भी बेअसर साबित हो रही है. शिवसेना विधायकों के पाला बदलने का सिलसिला लगातार जारी है. आज सुबह तीन और विधायक पाला बदलते हुए गुवाहाटी पहुंच गए हैं. इससे पहले बुधवार को चार और विधायक गुवाहाटी में शिंदे गुट से जा मिले थे.

जानकारी के मुताबिक इन विधायकों का शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे से मिलने का कार्यक्रम है. मंगलवार और बुधवार की बात करें तो शिवसेना के छह और असंतुष्ट विधायकों ने इन दो दिनों में सूरत में डेरा डाला है.

मंगलवार को 41 विधायक गुवाहाटी के लिए रवाना हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक माहिम विधायक सदा सर्वंकर और कुर्ला विधायक मंगेश कुडलकर और अन्य एक विधायक सूरत पहुंचे हैं. जानकारी के मुताबिक, शाम को पहुंचे चार विधायक महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील के साथ सूरत से गुवाहाटी के लिए रवाना हुए थे. गुवाहाटी पहुंचे शिवसेना के विधायकों में गुलाबराव पाटील और योगेश कदम भी शामिल हैं. बाकी दो विधायक (मंजुला गावित और चंद्रकांत पाटिल) निर्दलीय हैं.दो और विधायक जा सकते हैं गुवाहाटी

आज कुर्ला के विधायक मंगेश कुदालकर और दादर के विधायक सदा सरवानकर के गुवाहाटी जाने की खबरे हैं. आज जो विधायक सुबह गुवाहाटी पहुंचे हैं उसमें ये दोनों भी शामिल हैं या नहीं यह अभी साफ नहीं है. अगर दावे के मुताबिक ये विधायक शिंदे खेमे को ज्वाइन कर लेते हैं तो शिंदे के साथ शिवसेना के विधायकों की संख्या 36 तक पहुंच जाएगी जबकि अन्य 12 विधायक भी शिंदे के साथ बताए जाते हैं.

इस बीच, बुधवार को शिंदे गुट ने 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी को भेजा है. चिट्ठी में कहा गया है कि एकनाथ शिंदे ही शिवसेना विधायक दल के नेता हैं. भरत गोगावले को नया चीफ व्हिप चुन लिया गया है. शिव सेना ने मंगलवार को शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया था.

उद्धव ने छोड़ा सीएम आवास
बुधवार को दिनभर चली मीटिंग्स के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने देर शाम चौंकाने वाला फैसला लिया था. वह मुख्यमंत्री आवास छोड़कर मातोश्री (अपने घर) पहुंच गए. इतना ही नहीं उन्होंने फेसबुक पर लाइव आकर कहा कि बागी सामने आकर उनसे बात करें. महाराष्ट्र की जनता से फेसबुक संवाद में बुधवार को उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस्तीफा तैयार है. चाहे सीएम पद से से लो, चाहे पार्टी प्रमुख पद से. लेकिन उद्धव ठाकरे कहते हैं कि जो कुछ कहना है, सामने आकर कहो. ऐसा करके ठाकरे ने गेंद शिंदे गुट के पाले में डाल दी है.

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