शर्म या आलस के कारण कभी न रोंके टॉयलेट, नहीं तो हो सकते हैं इन खतरनाक बीमारियों के शिकार

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हममें से ज्यादातर लोगों को किसी न किसी चीज से डर लगता है, जिसे फोबिया भी कहते हैं। किसी को ऊंचाई से, तो किसी को पानी में जाने से, या फिर किसी को सांप से डर लगता है। इन सब से अलग कुछ लोगों को टॉयलेट जाने से भी डर लगता है। इसे शाय ब्लैडर सिंड्रोम (Shy Bladder Syndrome) कहा जाता है। इन लोगों को अपने घर के अलावा किसी और जगह पर टॉयलेट यूज करने में हिचक महसूस होती है।

ऐसे लोगों को पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने से डर लगता है, खासकर तब जब दूसरे लोग इनके आस-पास होते हैं। शाय ब्लैडर सिंड्रोम वैसे तो महिलाओं में आम है, क्योंकि अधिकतर समय महिलाएं शर्म या गंदे टॉयलेट की वजह से बाथरूम जाने से बचती हैं, लेकिन ये परेशानी पुरुषों और बच्चों में भी देखी जाती है।

इंटरनेशनल पैरुरिसिस एसोसिएशन की एक रिपोर्ट अनुसार दुनिया में करीब 2 करोड़ लोग शाय ब्लैडर सिंड्रोम से जूझ रहे हैं। ये लोग आउटडोर पब्लिक गैदरिंग, ट्रैवलिंग या बाजार तक आने-जाने से भी कतराते हैं। सर्दियों में ये समस्या और भी बढ़ जाती है। ठंड के चलते भी कुछ लोग बहुत देर तक टॉयलेट जाने से बचते हैं। सुनने में भले ही ये छोटी सी बात लगती हो, लेकिन ये समस्या कई और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

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