महाराष्ट्र : राज्यसभा में घमासान, अठावले ने उठाई राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

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राज्यसभा में सोमवार को सत्तापक्ष यानी भाजपा नीत राजग के सदस्यों ने महाराष्ट्र के ताजा घटनाक्रम को लेकर हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करना पड़ी। सत्तापक्ष के कई सदस्यों ने शून्यकाल के आखिरी चरण में इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसकी अनुमति नहीं दी।

इसी दौरान सदन में प्रश्नकाल शुरू हो गया और भाजपा सदस्यों ने एक बार फिर यह मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन उपसभापति हरिवंश ने इसकी अनुमति नहीं दी और हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया। हंगामे के दौरान ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कुछ पूरक प्रश्नों का उत्तर दिया।

नकवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिख, बौद्ध आदि समुदाय के 27 लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह गए क्योंकि राज्य सरकार केंद्र की छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन सदन में शोरगुल के कारण उनकी पूरी बात स्पष्ट रूप से सुनी नहीं जा सकी। उपसभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की।

हंगामे के बीच ही कांग्रेस सदस्य छाया वर्मा ने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से वन्यजीवों द्वारा फसलों के नुकसान को लेकर पूरक सवाल किया। इस पर जावड़ेकर ने कुछ कहा किंतु हंगामे के कारण उनकी बात सुनी नहीं जा सकी।

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