भारत सरकार की ट्विटर को अंतिम चेतावनी

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ट्विटर और केंद्र सरकार में जारी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है. केंद्र सरकार ने  ट्विटर को अंतिम चेतावनी दी है कि नए डिजिटल नियम तुरंत लागू करे वरना गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. इससे पहले ट्विटर ने आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत तीन बड़े नेताओं की ट्विटर अकाउंड अनवेरिफाइड कर दिया था.

इसके अलावा उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के भी पर्सनल अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था. हालांकि, बाद में उप राष्ट्रपति के अकाउंट का ब्लू टिक बहाल कर दिया गया. (MeitY) के ग्रुप कॉर्डिनेटर राकेश माहेश्वरी द्वारा 5 जून को ट्विटर को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि ट्विटर के पत्र में न तो नए डिजिटल नियमों को लागू करने पर स्पष्टीकरण दिया है और न ही उसे अमल में लाया है

नए  नियमों पर 26 मई, 2021 और 28 मई 2021 को लिखे पत्र के आलोक में लिखा है कि ट्विटर ने आज तक कम्प्लायंस ऑफिसर, शिकायत निवारण अधिकारी और नोडल अफसर का विवरण मुहैया नहीं कराया है. पत्र में कहा गया है कि ट्विटर का ऑफिस एड्रेस भी एक लॉ फर्म का है, जो नियमानुकूल नहीं है.

मंत्रालय ने अपनी चिट्ठी में साफतौर पर कहा है कि अगर ट्विटर ने नए डिजिटल नियमों को नहीं माना तो IT एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत उसका ‘इंटरमीडियरी’ का कानूनी दर्जा खत्म किया जा सकता है. चिट्ठी में आगे कहा गया है कि भारत के लोग जो ट्विटर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें साफ-सुथरी मैकेनिज्म का अधिकार है, ताकि उनकी शिकायतों का उचित निवारण हो सके.मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है.

ट्विटर को यहां खुले हाथों से अपनाया गया लेकिन दस साल से यहां काम करने के बावजूद ट्वटर ऐसा कोई मैकेनिज्म नहीं बना पाया जिससे भारत के लोगों को ट्विटर के बारे में अपनी शिकायत को सुलझाने का मौका मिल सके. जिन लोगों को ट्विटर के प्लेटफॉर्म पर अपशब्दों का सामना करना पड़ता है, या यौन दुराचार का सामना करना पड़ता है उन्हें अपनी शिकायत की समाधान के लिए मैकेनिज्म मिलना ही चाहिए. चिट्ठी में कहा गया है कि ट्विटर को 26 मई 2021 से ही नए नियमों को मानना होगा.

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