गाजियाबाद: मास्क फैक्ट्री में आग लगने से हड़कंप, कर्मचारी झुलसे

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आर जे न्यूज़-

गाजियाबाद के लिंक रोड थाना अंतर्गत साइट फोर स्थित मास्क, पीपीई किट व अन्य मेडिकल उपकरण बनाने की फैक्टरी में विस्फोट के साथ लगी आग ने पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग के होश उड़ा दिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में प्रवेश द्वार सिर्फ एक ही था। फैक्टरी में न तो कोई आपातकालीन द्वार था और न ही आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम। आलम यह रहा कि एकाएक भड़की आग से बचने के लिए अंदर मौजूद मजदूर और कर्मचारियों ने छत से छलांग लगा दी। इसके बावजूद एक दर्जन से अधिक लोग आग में फंस गए और बुरी तरह झुलस गए। शुक्रवार को खबर आई है कि फैक्टरी मालिक की मौत हो गई है |

गर्म पट्टी और बैंडेड बनाने की फैक्टरी में आग लगने की सूचना पर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फैक्टरी में एकमात्र प्रवेश द्वार होने के कारण दमकल कर्मियों को अंदर घुसने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। आग बुझाने के लिए पानी की बौछार करनी थी, लिहाजा सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद करानी पड़ी। तब तक आग भयानक रूप ले चुकी थी। विद्युत आपूर्ति बंद होने के बाद दमकल विभाग ने राहत कार्य शुरू किया प्रवेश द्वार की आग बुझाने के बाद दमकल की गाड़ियों ने बाहरी तरफ से राहत कार्य शुरू किया। करीब पौने घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों व पुलिस ने फैक्टरी में अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। तब तक 14 लोग आग की लपटों से झुलस चुके थे।

आग इतनी भयानक थी कि अगर कुछ मिनट की देरी से ही अंदर फंसे कर्मचारी जलकर राख हो जाते। जान बचाने के लिए कर्मचारी इधर-उधर दौड़ने लगे। कोई छत से कूदा तो किसी ने आग के बीच से ही दौड़ लगा दी। इसके बावजूद अधिकांश कर्मचारी फैक्टरी के अंदर ही आग की लपटों के बीच फंस गए। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में आग से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं थे, इसके अलावा प्रवेश द्वार भी एक ही था। इतना ही नहीं, अग्निकांड से बचाव के लिए कोई आपातकालीन द्वार भी नहीं बनाया गया था। फैक्टरी में लगी आग इतनी भयानक थी कि थोड़ी देर होते ही आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लेती। पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग ने समझदारी का परिचय देते हुए फैक्टरी की आग बुझाने के साथ-साथ आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली कराना शुरू कर दिया। मशक्कत से फैक्टरी की आग पर काबू पाने के बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

गाजियाबाद की पीपीई और मास्क बनाने वाली फैक्टरी में भीषण अग्निकांड की सूचना पर पहुंचे दमकल विभाग के जांबाज अपनी जान हथेली पर रखकर अंदर फंसे लोगों को बचाने की जद्दोजहद में जुट गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह, साहिबाबाद फायर स्टेशन ऑफिसर योगेंद्र प्रसाद और फायरमैन जोगेंद्र मौके पर पहुंचते ही मोर्चे पर डट गए। अग्निरोधक कॉस्ट्यूम पहनकर तीनों लोग फैक्टरी के अंदर घुस गए। जानिए आगे क्या हुआ और किस दिलेरी से दोनों जांबाजों ने लोगों की जान बचाई |

अंदर जाकर देखा तो 2 कर्मचारी आग की लपटों के बीच घिरे हुए जमीन पर पड़े थे। उनके बाहर निकलने या उन तक पहुंचने का कोई भी रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था। वहीं, आग इतनी भयानक थी कि कॉस्टयूम भी पिघल सकता था। लेकिन इसकी परवाह किए बिना दमकल विभाग के तीनों जांबाज आग की लपटों में घुस गए और वहां फंसे दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घटना के वक्त फैक्टरी में 20 से अधिक लोग मौजूद थे। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिसके चलते काफी लोग अंदर फस गए। कुछ लोग जैसे तैसे फैक्टरी से बाहर निकलने में कामयाब हो गए लेकिन 14 लोग अंदर ही फंस गए। झुलसे 12 लोगों को निकालकर अस्पताल भिजवा दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद कुछ कर्मचारी अंदर फंसे रह गए थे।

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पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद फैक्टरी के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सीएफओ, साहिबाबाद फायर स्टेशन ऑफिसर व एक अन्य कर्मचारी अंदर गए तो वहां 2 लोग आग की लपटों में घिरे मिले। मशक्कत के बाद दमकल के तीनों अधिकारियों ने अपनी जान पर खेलकर दोनों लोगों की जान बचाई। साहिबाबाद फायर स्टेशन ऑफिसर योगेंद्र कुमार प्रसाद 2015 बैच के ऑफिसर हैं। उनको बेहतर व सराहनीय कार्य के लिए डीजी गोल्ड व सिल्वर मेडल भी मिल चुका है। बीते दिनों उन्होंने 65 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति की अग्निकांड में जान बचाई थी। इसी के साथ एक महिला और तीन बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग से बाहर निकाला था। उनके बेहतर कार्य को देखते हुए उनको लखनऊ से गाजियाबाद में साहिबाबाद फायर अधिकारी के रूप में हाल ही में तैनाती मिली थी।

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