ई पेंशन पोर्टल का माननीय मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ

प्रदेश के 11.50 लाख पेंशनर्स होंगे लाभान्वित

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राष्ट्रीय जजमेंट न्यूज़ 

संबाददाता भगवन्त यादव  कुशीनगर।

जनपद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से जिलाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व पेंशनर्स इस कार्यक्रम से जुड़े

मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ जी द्वारा लोक भवन सभागार लखनऊ से आज श्रम दिवस के अवसर पर ई पेंशन पोर्टल योजना का उद्घाटन किया गया।

उक्त योजना से प्रदेश के 11.50 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 31 मार्च 2022 को रिटायर हुए 1220 पेंशनर्स के खाते में पेंशन की राशि भी स्थानांतरित की गई। मा0 मुख्यमंत्री ने सभी पेंशनर्स को मई दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आपके श्रम से प्रदेश कल्याण के पथ पर अग्रसर हुआ है। उन्होंने ई- पेंशन पोर्टल के बारे में बताते हुए कहा कि रिटायरमेंट से 06 महीने पूर्व ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और आवेदन करना होगा और इस योजना से आने वाले समय में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। ई पेंशन एक कॉन्टैक्टलेस, पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कैशलेस प्रक्रिया होने से किसी भी प्रकार की लेनदेन की कोई संभावना नहीं होगी पेपरलेस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ेगी, और कांटेक्टलेस प्रक्रिया में सब कुछ ऑनलाइन होगा।
उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश पहला ऐसा राज्य है जिसने अपने पेंशनधारकों को यह सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य किया है। इस मौके पर पेंशनधारियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा । अच्छी और सकारात्मक सोच नई उर्जा, जीवन में खुशहाली और उन्नति की ओर ले जाता है, जबकि नकारात्मकता हमेशा अवनति की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पास 35- 40 वर्षों का लंबा अनुभव रहता है, जो वर्तमान व आने वाली पीढ़ी के लिए भी उपयोगी होती है।
उन्होनें पेंशनधारकों को अपने जीवन को अपने तरीके से प्रफुल्लित होकर जीने की सलाह दी। भारतीय आश्रम पद्धति की परंपरा के बारे में बताते हुए मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के शुरुआती 25 वर्ष ब्रह्मचर्य आश्रम में व्यक्ति समाज पर निर्भर रहता है। 25 से50 वर्षो तक गृहस्थ आश्रम में व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा होता है, आजीविका कमाता है। 50 से75 वर्षो तक के वानप्रस्थ आश्रम को उन्होनें वरिष्ठ नागरिकों के लिए बताते हुए समाज मे योगदान करने का अवसर बताया। तथा 75- 100 वर्ष का शेष जीवन समाज को समर्पित करने का समय बताया।
इस क्रम में उन्होंने ई पेंशन पोर्टल की तर्ज पर मृतक आश्रित हेतु भी इसी प्रकार की व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होनें कहा कि इस पर एक सुनिश्चित योजना के तहत आगे बढ़ेंगे।
इस अवसर पर जनपद कुशीनगर से एन0आई0सी0 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम, वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, कोषागार कार्यालय के कर्मचारी तथा जनपद के विभिन्न जगहों से आए हुए पेंशनर्स भी इस कार्यक्रम से जुड़े।

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