ड्राईवर और गार्ड को फगवाड़ा में हादसे का पता चला, दोनों को ट्रेन से उतारा

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लुधियाना, । दशहरा मेले के दौरान अमृतसर में हुए हादसे के बाद अमृतसर-हावड़ा ट्रेन के ड्राइवर को करीब डेढ़ घंटे बाद फगवाड़ा पहुंचने पर हादसे की जानकारी मिली।
रेलवे अधिकारियों से हादसे के बारे में पता चलने पर ड्राइवर व गार्ड परेशान हो गए।
जैसे ही ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो रेलवे अधिकारियों ने गार्ड और ड्राइवर को उतार कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने ट्रेन की तकनीकी जांच कर  दूसरे स्टाफ के साथ रवाना कर दिया।
ट्रेन के ड्राइवर जगबीर सिंह व गार्ड पन्ना लाल सहारनपुर हेडक्वार्टर से हैं। रेलवे अधिकारियों के सामने ड्राइवर अपनी सफाई देता रहा।
उसका कहना था कि जब ट्रेन वहां से निकली तो उस समय ट्रैक साफ था और उसकी ट्रेन से कोई हादसा नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों ने ड्राइवर से गहन पूछताछ शुरू कर दी।
लुधियाना स्टेशन पर शुक्रवार रात 9.05 बजे पर हावड़ा एक्सप्रेस पहुंची तो रेलवे के अधिकारियों ने सबसे पहले गाड़ी के ब्रेक चेक किए।
इसके अलावा ट्रेन के अंदर सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की और ड्राइवर से प्राथमिक पूछताछ की। इसके अलावा स्टेशन अधीक्षक अशोक सलारिया और उनकी तकनीकी टीम ने इंजन के बारे में कुछ तथ्य जुटाए ताकि आगे जांच में उन तथ्यों को शामिल किया जा सके।
इसके अलावा ड्राइवर जगबीर सिंह व गार्ड पन्ना लाल को उतार कर अपने दफ्तर में ले गए। जहां रेल के अन्य अधिकारियों ने भी उनसे पूछताछ की। इसी दौरान ड्राइवर का ब्रीदिंग टेस्ट भी लिया गया।
ड्राइवर जगबीर सिंह ने बताया कि जब उनकी ट्रेन अमृतसर में हादसे वाले स्थल से निकली थी तो उस वक्त पटरियों के आसपास भीड़ थी और पुलिस उन्हें हटा रही थी।
उन्होंने कहा कि जब वह निकले तो उनका ट्रैक साफ था। उन्हें तो फगवाड़ा पहुंचने पर डीआरएम का फोन आया कि वहां हादसा हुआ है जिससे वे चौंक गए।
जगबीर ने बताया कि उनकी गाड़ी शुक्रवार को शाम 6:40 बजे अमृतसर से रवाना हुई थी और बिल्कुल साफ है।
फिरोजपुर मंडल से लेकर दिल्ली तक रेलवे के सभी अधिकारी लगातार हावड़ा एक्सप्रेस के बारे में लुधियाना के रेल अधिकारियों से फीडबैक लेते रहे। अफसर लगातार ड्राइवर की स्थिति और उसके व्यवहार के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।
ड्राइवर और गार्ड को हमने उतार लिया है। गाड़ी के ब्रेक व अन्य तकनीकी जांच के बाद गाड़ी को दूसरे स्टाफ के साथ रवाना कर दिया गया। ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।
रेल हादसे में घायलों का इलाज करने के लिए सेहत विभाग ने हाई अलर्ट कर दिया है। सिविल अस्पताल जालंधर से भी टीमें रवाना की गई हैं। सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने आसपास वाले जिलों से एंबुलेंस व डाक्टरों की टीमों को अमृतसर पहुंचने के आदेश जारी किए हैं।
सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्रा ने बताया कि रेल हादसे की सूचना मिलते ही अमृतसर के अलावा तरनतारन, गुरदासपुर व जालंधर के सिविल सर्जनों को अलर्ट कर दिया गया था।
इन जिलों से हड्डी रोग, सर्जन व बेहोशी वाले डॉक्टरों की टीमों को एंबुलेंस सहित मौके पर पहुंचने की हिदायतें जारी की गई हैं। इन जिलों से तीन-तीन एंबुलेंस भी भेजी जा रही हैं।
घायल मरीजों के लिए हर ब्लड ग्रुप के खून का इंतजाम कर वहां भेजने के आदेश दिए गए हैं। अमृतसर के सरकारी मेडिकल कालेज को भी हाई अलर्ट कर दिया गया है।
गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में पहुंचे मरीजों को मेडिकल कालेज में शिफ्ट करवाया जाएगा। घायलों व मृतकों को शिफ्ट करने के लिए इमरजेंसी एंबुलेंस 108 की भी सेवाएं ली जा रही हैं।
इमरजेंसी एंबुलेंस 108 के आपरेशन हैड पंजाब मुनीश बत्रा ने बताया कि हादसे में घायलों को शिफ्ट करने के लिए 10 एंबुलेंस लगाई गई है। एंबुलेंस चालकों को पुलिस की सहायता करने की भी हिदायतें दी गई है।
एंबुलेंस से मरीज सिविल अस्पताल व सरकारी मेडिकल कालेज अमृतसर में शिफ्ट किए जा रहे हैं।
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जालंधर की सिविल सर्जन डॉ. जसमीत कौर बावा ने बताया कि तीन डाक्टरों की टीम एंबुलेंस सहित अमृतसर रवाना कर दी गई है।

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