कप्तानगंज थावे रुट पर दर-दर पैसेंजर भटकने को मजबूर

123

आर जे न्यूज़ –

रामकोला, कुशीनगर | अभिनन्दन यादव कप्तानगंज थावे सिवान रेल खण्ड के ब्रॉड गेज हुये आठ साल और इसके विद्युतकृत हुये दो साल पूरे हो गये परन्तु इस रूट पर उतनी ट्रेंनें भी नहीं चल पायी जितनी की मीटर गेज के समय चला करती थीं. पिछले वर्ष मार्च में कोरोना के चलते ज़ब ट्रेने बन्द हुई थीं तब भी चार जोड़ी गाड़ियां चल रहीं थीं |

अब जबकि कोरोना के प्रभाव में कमी के चलते रेलवे ने ट्रेनों क़ो फ़िर पटरियों पर उतारने की प्रक्रिया शुरू क़री है तब भी अन्य दूसरे रुट्स के बराबर इस रूट के यात्रियों क़ो सुविधा देने की जगह उनमें कटौती कर दी गईं । छपरा -लखनऊ ट्रेन अब सिर्फ गोमतीनगर तक ही जा आ रही है। इस ट्रेन का स्टोपेज़ पहले रामकोला में दोनों तरफ़ से मिला करता था अब यह ट्रेन गोमतीनगर की ओर जाने के लिये रामकोला स्टेशन पर तो रूकती है मगर उधर से वापस लौटने में इसका रामकोला में ठहराव समाप्त कर दिया गया है ।

गोरखपुर -पाटलिपुत्र पुत्र ट्रेन पहले प्रत्येक स्टेशनों पर रुक कर चला करती थी परन्तु अब एक्सप्रेस कर दिया गया है । जिससे यू० पी० के छोटे स्टेशनों पर तो इसका ठहराव ख़त्म हो गया है मगर बिहार के प्रायः सभी स्टेशनों पर इसका स्टोपेज़ प्रदत है । पिछले माह यन ई रेलवे क़ो 32 यात्री गाड़ियों क़ो चलाने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से मिली है |

जिसके चलते पूर्वांत्तर रेलवे के मुख्यालय ने गोरखपुर -नौतनवा, गोरखपुर -नरकटियागंज, थावे -छपरा कचहरी, गोरखपुर-सिवान (वाया देवरिया ), गोरखपुर -छपरा (वाया देवरिया ), मऊ -प्रयागराज जैसे रुटों पर ट्रेन सेवा शुरू कर दी है जबकि गोरखपुर -कप्तानगंज -पडरौना -थावे -सिवान पर अभी तक ट्रेन चलाने की कौन कहे टाईम टेबल तक नहीं घोषित हो पाया है |

रेलवे ने लखनऊ और बरौनी के बीच 23 मार्च से 05203/05204 नामक एक ट्रेन चलाने की घोषणा की है जो बरास्ते भटनी -देवरिया चलेगी । रेलवे अगर अपनी दूरदर्शिता का परिचय देता तो इस ट्रेन क़ो वाया थावे -कप्तानगंज चलाकर इस रूट को लाभ होता।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More