दिल्ली में भाजपा ने केजरीवाल का पुतला जलाकर किया नई आबकारी नीति का विरोध प्रदर्शन

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आर जे न्यूज़-

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल का पुतला जलाकर सरकार की नई आबकारी नीति का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि यह देश की पहली सरकार है जो अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है। दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के विरोध मे आज शहादरा बस टर्मीनल के पास हुए |

प्रदर्शन मे आदेश गुप्ता ने कहा कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए शहीद दिवस पर अलग-अलग कार्यक्रम का आयोजन कर रही है | वही दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार युवाओं को शराब के नशे में धकेलने की पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रदेश उपाध्य्क्ष वीरेन्द्र सचदेवा, भाजपा विधायक जितेन्द्र महाजन, जिला अध्यक्ष मास्टर विनोद, प्रवेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार की नई आबकारी नीति के तहत उम्र सीमा को भी घटाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की मंशा पूरी तरह से दिल्ली को बर्बाद करने की लगती है। केजरीवाल सरकार ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए सभी सरकारी शराब की दुकानें प्राइवेट शराब माफिया को सौंपने का निर्णय लिया है उससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार को आईना दिखाते हुए कहा-

“डूबा दी दिल्ली दारु में, पानी तुम ना दिला पाए

ठेके तुमने बढ़ा दिए, पर स्कूल एक भी ना बना पाए”

आदेश गुप्ता ने कहा कि पहले केजरीवाल कहते थे कि जब हमारी सरकार दिल्ली में आएगी तो पहला काम युवाओं को नशामुक्त करने का होगा। आज सच्चाई सबके सामने है। प्राइवेट शराब माफिया के हाथों में देना और हर वार्ड में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाना राजनीतिक फंडिंग का एक बड़ा प्लान है।

आदेश गुप्ता ने कहा कि क्या सरकार को यह पता नहीं कि शराब पीने से और अपराध बढ़ते हैं | क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली को शराब की राजधानी बनाना चाहते हैं ?  क्या इसी दिन के लिए दिल्ली की जनता ने उनको चुना था ? क्या इसी दिन के लिए वो उपराज्यपाल से ज्यादा अधिकार की मांग कर रहे हैं ? ताकि वह मनमानी कर सकें और दिल्ली के लोगों को नशे में धकेल सके। केजरीवाल सरकार को जहां शराब पीने पर रोक लगानी चाहिए वहीं उल्टा सरकार ही इसको और बढ़ावा दे रही है।

केजरीवाल खुद दिल्ली का नक्शा दिखाकर रेडजोन उसे कह रहे हैं जहां शराब की दुकाने ही नहीं है। कितना अच्छा होता अगर रेडजोन आप उनको बताते जहां अभी सीवर नहीं पड़े हैं, जहां प्रदूषण ज्यादा है, जहां स्कूलों की सुविधा नहीं है, जहां डीटीसी बसों की सुविधा नहीं है तो शायद दिल्ली का भला होता। आज दिल्ली के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं कि आखिर हमने किसको सत्ता सौंप दी। शराब पीने से घर उजड़ते हैं, अपराध बढ़ते हैं। गुजरात और बिहार में शराब बंद होने से क्राइम रेट कम हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ेंगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि शराब की दुकानों को प्राइवेट शराब माफिया के हाथों में देकर केजरीवाल सरकार करोड़ों रुपये की घोटाले कर रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि केजरीवाल को इस वक्त सिर्फ दिल्ली छोड़कर पूरा देश दिख रहा है। केजरीवाल अपनी राजनीतिक विस्तार के नशे में इस तरह डूबे हुए हैं कि वे अच्छे और बुरे की पहचान खो बैठे हैं।

भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अगर कुछ करना ही चाहती है तो प्रदूषण से लड़ने के लिए काम करे, पानी की सप्लाई और सीवर लाइन पर काम करें। ये सरकार लोगों को शराब परोसने की तैयारी कर रही है। जब तक यह नई आबकारी नीति वापस नहीं ले ली जाती है तब तक इसके खिलाफ हम अपना विरोध जारी रखेंगे।

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल की नई आबकारी नीति एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है और इससे युवाओं के ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। केजरीवाल सरकार पैसा इकट्ठा करने के लिए दिल्लीवालों के जीवन को बर्बाद करने में लगी हुई है। हजारों सरकारी कर्मचारी शराब के व्यापार में शामिल हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका सही तरीके से पुनर्वास हो और ऐसे कठिन समय में कोई भी बेरोजगार न रहे। लेकिन सरकार को अपनी फिक्र है और पार्टी फंडिंग के लिए वह प्राइवेट शराब माफियाओं को सह दे रही है।

रिपोर्ट:- भावेश पीपलीया दिल्ली एन सी आर ब्यूरो

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