अमृतसर: आयोजन समिति का दावा, ली थी अनुमति

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अमृतसर। जोड़ फाटक के पास हुए हादसे को लेकर बड़ी बात सामने आई है। यहां आयोजित दशहरा कार्यक्रम के लिए प्रशासन की अनुमति नहीं लेने की बात की जा रही है।

 

लेकिन, दशहरा कार्यक्रम का अायोजन करने वाली कमेटी का कहना है कि इसके लिए अनुमति लेने साथ-साथ पुलिस से सुरक्षा प्रबंध करने का अनुरोध किया गया था।
दशहरा कमेटी का दावा है कि पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजन पर ‘नो आब्‍जेक्‍शन’ भी दिया था। दूसरी ओर रेल राज्‍यमंत्री मनोज सिन्‍हा ने कहा कि लोग ट्रेन की आवाज नहीं सुन सके। ट्रेन की अधिक गति अधिक होने के बारे में जांच कराई जाएगी।
दूसरी ओर, लाेगों का कहना है कि हादसे का सबसे बड़ा कारण प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दखलंदाजी रही।
जोड़ा फाटक में पुतलों के दहन के दौरान न तो पर्याप्‍त सुरक्षा व्‍यवस्‍था थी और न ही किसी हादसा की स्थिति में बचाव के उपाय‍ किए गए थे। इसका बाद भी आयोजन होने दिया गया।
बताया जा रहा है कि दशहरा कार्यक्रम में पुतला दहन की अनुमति नहीं ली गई थी। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू इस कार्यक्रम की मुख्‍य अतिथि थीं,
इस कारण प्रशासन ने बिना प्रर्याप्‍त सुरक्षा प्रबंध के भी इस कार्यक्रम को होने दिया। लाेगों का कहना है कि आयोजन स्थल पर पुलिस सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं था। डॉ. सिद्धू के साथ कुछ सुरक्षा कर्मचारी जरूर आए थे।
दशहरा कमेटी द्वारा जारी किया गया पत्र।
इसके साथ ही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान धोबीघाट मैदान में काफी खाली जगह थी। रावण का पुतला ठीक से बांधा गया था और उसके जलाए जाने के बाद गिरने की कोई संभावना नहीं थी।
इस कारण वहां अफरातफरी या भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं थी। कार्यक्रम के दौरान चार-पांच बार बार लोगों को रेलवे ट्रैक से हटकर धोबीघाट मैदान के अंदर आने की उद्घोषणाएं की गईं।

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