ऐसा शख्श जिसने चुनाव के लिए छोड़ी थी सरकारी नौकरी, अब बनाना चाहता है 100 बार हार का रिकार्ड

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आगरा के हसनूराम आंबेडकरी के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड है। 75 वर्षीय हसनूराम अभी तक 93 बार अलग-अलग चुनाव लड़ चुके हैं। भले ही उनको अभी तक किसी भी चुनाव में जीत न मिली हो, लेकिन उन्हें कोई मलाल नहीं है। खेरागढ़ तहसील के नगला दूल्हा में रहने वाले हसनूराम के इतने चुनाव लड़ने के पीछे बड़ी रोचक कहानी है।

36 साल पहले एक बड़ी पार्टी की ओर से उन्हें चुनाव लड़ाने का आश्वासन दिया गया था, मगर बाद में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। टिकट न देने के पीछे जो कारण बताया गया था, वो बात हसनूराम को चुभ गई। बस तब से उन्होंने हर चुनाव लड़ने की ठान ली। अब वो सबसे ज्यादा हार का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।

चुनाव के लिए छोड़ी थी सरकारी नौकरी

हसनूराम आंबेडकरी का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। यानी जिस दिन देश आजाद हुआ था। हसनूराम ने बताया कि वह राजस्व विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत थे। उस समय वह वामसेफ में सक्रिय थे। साल 1985 में उन्हें एक क्षेत्रीय दल की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया गया। उनसे कहा कि वो अपनी नौकरी छोड़कर चुनाव की तैयारी करें। आश्वासन पर उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और 17711 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद से वो लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं।

1985 से हर साल लड़ रहे चुनाव
हसनूराम ने बताया कि 1985 से वो लगातार चुनाव लड़ रहे हैं। तब से जितनी बार भी विधानसभा, लोकसभा, पंचायत में वो निर्दलीय लड़े हैं। इतना ही नहीं वो राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन कर चुके हैं। इसके अलावा एमएलसी, सहकारी बैंक सहित 93 बार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में वो 94वीं बार मैदान में उतरेंगे।

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