प्रयागराज : आज की प्रमुख खबरे एक नजर में
1- चलती ट्रेन से नीचे गिरी बच्ची,बाल-बाल बची
जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर शनिवार दोपहर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान 5 साल की बच्ची प्लेटफॉर्म के नीचे गिर गई। यह देख परिजन चीख पड़े। बच्ची को नीचे गिरते देख किसी यात्री ने चेन पुलिंग कराके ट्रेन रुकवाई। जीआरपी जवानों ने बच्ची को सुरक्षित बचा लिया। बच्ची को पकड़कर उसके परिजन भावुक हो गए।मध्यप्रदेश के रीवा जिले का रहने वाला राम हरि कोल अपने परिवार के साथ जोधपुर जा रहा था। शनिवार को वह रीवा से बस से प्रयागराज पहुंचा।
लगभग 12:30 बजे उसे वह प्लेटफार्म नंबर एक पर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस पर परिवार के सभी सदस्यों को चढ़ा रहा था। सभी लोग ट्रेन में चढ़ गए थे। इस दौरान उसकी 5 साल की बेटी सीमा को परिवार की एक महिला हाथ पकड़कर चढ़ा रही थी, लेकिन इस दौरान ट्रेन चल दी तभी सीमा का हाथ छूट गया और वह ट्रेन से नीचे गिर गई। सीमा के नीचे गिरते ही महिला चीख पड़ी।
उसके मां-बाप रोने लगे। शोर मचाते ही प्लेटफार्म पर जीआरपी के एसएसआई सुधीर पांडेय, दरोगा अजीत शुक्ला और महिला पुलिसकर्मी ममता यादव आदि मदद के लिए दौड़े। उन्होंने चिल्लाया तो किसी यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। बच्ची ट्रेन की पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच के हिस्से में फंसी थी। पुलिसकर्मियों ने उसे सुरक्षित बचा लिया। बताया जा रहा है कि उसे खरोंच तक नहीं आई।
2-प्राचार्य भर्ती की साक्षात्कार तिथि जल्द घोषित होगी
अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के स्थगित साक्षात्कार की नई तिथि एक सप्ताह में घोषित होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने 20 मार्च से 9 अप्रैल तक इंटरव्यू कराए थे। उसके बाद पंचायत चुनाव और फिर कोरोना के कारण साक्षात्कार टाल दिए गए थे। शुक्रवार को अध्यक्ष ईश्वर शरण विश्वकर्मा की अध्यक्षता में हुई आयोग की बैठक में प्राचार्य भर्ती के साक्षात्कार पर चर्चा हुई।
हालांकि कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका पर जल्द दोबारा इंटरव्यू शुरू करने पर सहमति बनी। साक्षात्कार बहाली का निर्णय होने के बाद अभ्यर्थियों को 21 दिन का मौका दिया जाएगा। अभी असिस्टेंट प्रोफेसर के 2003 पदों पर परीक्षा के संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका है। अन्य भर्ती संस्थाओं की परीक्षा तिथियों के अनुसार आयोग अपना कार्यक्रम तय करेगा। बता दें कि आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान के शुक्रवार के अंक में समाचार श्रृंखला खुले रोजगार की राह के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य भर्ती शुरू कराने की प्रतियोगी छात्रों की मांग पर खबर प्रकाशित की गई थी।
3-आठ हजार बाल श्रमिकों के जीवन में जगाई शिक्षा की अलख
श्रम विभाग का दावा है कि जिले में अब तक आठ हजार 73 बाल श्रमिकों को मजदूरी से निजात दिलाकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा चुका है। हालांकि अब भी बाल श्रमिकों की संख्या अधिक है। इनके लिए भी निकट भविष्य में काम करने का भरोसा दिया गया है।पिछले कुछ सालों में श्रम विभाग सक्रिय हुआ है। हर वित्तीय वर्ष में कुछेक बच्चों को ही श्रम विभाग मजदूरी से अलग करा पाता है। इन बच्चों को बाद में बड़ी समस्या होती है शिक्षा दिलाने की।
Comments are closed.