पंजाब की साझा संस्कृति के सामने विफल होगी भाजपा की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति: मुख्यमंत्री भगवंत मान

राष्ट्रीय जजमेंट

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा की राजनीति समुदायों के बीच दरार पैदा करने और डर का माहौल बनाकर वोट हासिल करने पर टिकी है। गिद्दरबाहा निर्वाचन क्षेत्र के गांव साहिब चंद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं और संतों की है, यहाँ नफरत के बीज कभी नहीं पनप पाएंगे। मान ने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में फूट डालने वाली राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की लेकिन पंजाब में वह कभी सफल नहीं हो पाएगी क्योंकि पंजाबी हर त्यौहार एक साथ मनाते हैं। मान ने यहां गिद्दरबाहा निर्वाचन क्षेत्र के साहिब चंद गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ राजनीतिक दल धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा की राजनीति समुदायों के बीच फूट डालने और फिर वोट के लिए दोनों पक्षों को डराने-धमकाने पर आधारित है। पंजाब को ऐसी ताकतों को सिरे से खारिज करना चाहिए क्योंकि राज्य ने पूर्व में ऐसे बुरे दिन देखे हैं जिन्होंने इसके विकास को पटरी से उतार दिया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को राजनीतिक लाभ के लिए कभी भी भंग नहीं होने दिया जाएगा। मान ने आरोप लगाया कि हिंसा, विभाजन और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करना भाजपा की ‘‘पहचान’’ है और ये उसकी राजनीति के अभिन्न अंग हैं।उन्होंने कहा कि पंजाब उन महान गुरुओं, साधु-संतों की पवित्र भूमि है, जिन्होंने आपसी प्रेम, सहिष्णुता और सद्भाव का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने अपनी ‘शुक्राना यात्रा’ के बारे में कहा कि उन्होंने यह यात्रा सर्वशक्तिमान ईश्वर का आभार व्यक्त करने के लिए शुरू की है, जिन्होंने उन्हें गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने और उन्हें लागू करने के लिए, यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद, फूल और सिरोपा (सम्मान का वस्त्र) देकर उनका स्वागत किया।मान ने कहा, “ जब भी गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाएं हुईं, लाखों लोगों का मन आहत हुआ। हमेशा यह उम्मीद रहती थी कि दोषियों को पकड़ा जाएगा और सजा दी जाएगी, लेकिन कानून में खामियों के कारण वे मानसिक रूप से अस्थिर होने का दावा करके सजा से बच जाते थे।” मुख्यमंत्री ने हालांकि सवाल उठाया कि मानसिक अस्थिरता का दावा करने वाला व्यक्ति केवल गुरु ग्रंथ साहिब को ही क्यों निशाना बनाएगा।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More